दक्षिण चौबीस परगना जिले के फलता विधानसभा क्षेत्र में 21 मई को हुए चुनाव के वोटों की गिनती रविवार को हुई और भाजपा को एक लाख 49 हजार से भी अधिक वोट मिले।
कोलकाता (पश्चिम बंगाल)। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की मंशा के अनुरूप दक्षिण चौबीस परगना जिले के फलता विधानसभा क्षेत्र में 21 मई को हुए चुनाव के वोटों की गिनती रविवार को हुई और भाजपा को एक लाख 49 हजार से भी अधिक वोट मिले। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपील की थी। पश्चिम बंगाल में विधानसभा की सीट भाजपा की एक बढ़ कर अब कुल सीट 208 हो गई।
तृणमूल उम्मीदवार चौथे स्थान पर रहे
तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान करीब सात हजार वोट पाकर चौथे स्थान पर अटके रहे। फिर पुष्पा ने चुनाव प्रचार के आखिरी दिन चुनाव अपने को अलग करने की घोषणा कर दी थी। माकपा के उम्मीदवार शंभु कुड़मी 13 हजार से कुछ ही अधिक वोट और कांग्रेस के अब्दुल रज्जक मोल्ला को नौ हजार से कुछ अधिक वोट मिले।
धांधली के आरोप के बाद दोबारा हुआ मतदान
गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 29 अप्रैल को फलता में भी चुनाव हुआ था। लेकिन फलता में मतदान में व्यापक धांधली होने की शिकायत मिलने पर चुनाव आयोग ने 4 मई को यहां के वोटों की गणना पर रोक लगा दी और फिर से 21 मई को चुनाव और 24 मई वोटों की गणना कराने का निर्णय लिया।
बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव
पूरे राज्य में 4 मई के बाद पूरा माहौल की बदल गया। चुनाव में भाजपा को पहली बार आशातीत कामयाबी मिली और वह सत्ता में आ गई। चुनाव में 15 साल सत्ता में रहने वाली तृणमूल कांग्रेस तृण की तरह उड़ गई। ममता बनर्जी मुख्यमंत्री होते हुए भी पराजित हो गई। उसी तारीख को साफ हो गया कि फलता में आतंक माने जाने वाले जहांगीर खान का फिर से चुनाव में भाजपा से पार पाना असंभव है। चुनाव प्रचार के अखिरी दिन 19 मई को उन्हें चुनाव से हटने की घोषणा करनी पड़ी।
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