चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में उन लोगों को बड़ी राहत दी है, जिन लोगों ने सीएए कानून के तहत प्रमाण पत्र ले लिया है।
CAA certificate holders get permission from Election Commission to become voters |
कोलकाता। चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में उन लोगों को बड़ी राहत दी है, जिन लोगों ने सीएए कानून के तहत प्रमाण पत्र ले लिया है। एसआइआर की प्रक्रिया के तहत वोटरों की सुनवाई के शुरू होने के दिन पहले उसने सीएए कानून के तहगत प्रमाण पत्र को वोटर योग्य होने के लिए मंजूर करने का फैसला किया है। वोटरों की सुनवाई 27 दिसंबर से शुरू हो रही है।
मतुआ समुदाय की नागरिकता और दस्तावेजों का संकट
जानकारों के मुताबिक पश्चिम बंगाल में दो करोड़ से अधिक मतुआ समुदाय के लोग हैं। वे समय-समय पर पहले बांग्लादेश से पश्चिम बंगाल में आए हैं। मतुआ समुदाय में अधिकतर लोगों की समस्या यह है कि वे भारतीय नागरिक नहीं बन पाए हैं। उनके पास आधार कार्ड, राशन कार्ड है और उन्हें राज्य सरकार की ओर से तमाम सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं। लेकिन 2002 के वोटर लिस्ट में उनका नाम नहीं है और ना ही उनके पास वे प्रमाण पत्र हैं जिन्हें चुनाव आयोग ने वोटर योग्य होने के लिए जरूरी माना है। वे इस बार वोटर बन पाएंगे या नहीं, निश्चित नहीं है।
भाजपा समर्थित CAA कानून का TMC कर रही विरोध
पश्चिम बंगाल में सीएए कानून को लेकर विवाद है। टीएमसी इस कानून का विरोध कर रही है जबकि उसकी विरोधी पार्टी इसका समर्थन चाहती है। टीएमसी का कहना है कि मतुआ समुदाय के लोगों को सीएए के लिए आवेदन की जरूरत नहीं है। लेकिन भाजपा चाहती है कि इस कानून के तहत मतुआ समुदाय के लोग भारतीय नागरिक बन जाए। टीएमसी के समर्थक मतुओं ने सीएए का प्रमाण पत्र नहीं लिया है जबकि भाजपा के समर्थक मतुओं ने सीएए का प्रमाण पत्र ले लिया है। सीएए का प्रमाण पत्र लेने वाले मतुओं को वोटर होने में अब सुविधा हो गई है।
वोटर कार्ड के लिए आधार कार्ड को मान्यता देने की मांग
जानकारों को कहना है कि मतुओं को अपना समर्थक बनाने के लिए टीएमसी और भाजपरा के बीच राजनीति हो रही है। टीएमसी की मांग है कि चुनाव आयोग वोटर होने के लिए आधार कार्ड को मान्यता दे जैसा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश है। लेकिन चुनाव आयोग की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि आधार कार्ड मान्य होगा। उसकी ओर से सीएए के प्रमाण पत्र को मान्य किए जाने पर उन मतुओं को वोटर बनना आसान गया है जिन्हें भाजपा ने सीएए का प्रमाण पत्र मुहैया करवाया है। भाजपा ने मतुओं को सीएए का प्रमाण पत्र दिलाने का अभियान भी चला रखा है।
चुनाव आयोग पर केवल सीएए प्रमाण पत्र पर जोर देने का आरोप
टीएमसी और मतुओं की नेता और सांसद ममता बाला ठाकुर ने यह सवाल उठाया है कि चुनाव आयोग आधार कार्ड को मान्यता देने के बारे में क्यों नहीं स्पष्ट बोल रहा है। वह क्यों केवल सीएए का प्रमाण पत्र पर ही जोर दे रहा है। अपने द्वारा निश्चित 11 दस्तावेज के बारे में भी वह क्यों नहीं जोर दे रहा है। दूसरी ओर भाजपा के नेताओं का कहना है कि 70 हजार से भी अधिक मतुओं को पास सीएए का प्रमाण पत्र है।
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