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स्टेशन पर भारी पुलिस बल तैनात, हालात काबू में

अभ्यर्थियों ने पाटलिपुत्र स्टेशन पर तोड़फोड़ की, पुलिस ने किया लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले छोड़े

पाटलिपुत्र स्टेशन पर परीक्षा देने आए उम्मीदवारों का विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस छोड़ने पड़े।

अभ्यर्थियों ने पाटलिपुत्र स्टेशन पर तोड़फोड़ की पुलिस ने किया लाठीचार्ज आंसू गैस के गोले छोड़े

पाटलिपुत्र स्टेशन पर तैनात पुलिस बल |

पटना (बिहार): राजधानी पटना के पाटलिपुत्र स्टेशन पर परीक्षा देने आए उम्मीदवारों का विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। गुस्साए छात्रों ने ट्रेन में तोड़-फोड़ की। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। पुलिस ने हालात पर काबू पानेके लिए हवाई फायरिंग के साथ लाठीचार्ज किया। अब भी हालात तनावपूर्ण लेकिन काबू में है। 

स्पेशल ट्रेनों की मांग को लेकर प्रदर्शन

पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर बिहार पुलिस निषेध विभाग की परीक्षा के दौरान उम्मीदवारों और अधिकारियों के बीच झड़प हो गई। उम्मीदवार ट्रेन की अपर्याप्त व्यवस्था का विरोध कर रहे थे। उम्मीदवारों का विरोध प्रदर्शन उस समय हिंसक हो गया, जब परीक्षा के लिए चलाई गई स्पेशल ट्रेन में तोड़फोड़ की गई। इसके बाद पुलिस को दखल देना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान IG समेत कई अधिकारियों को मामूली चोटें भी आईं हैं। 

मौके पर पहुंचे बड़े अधिकारी, पुलिस बल तैनात

हालात का जायजा लेने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। मौके पर पहुंचे पटना के DM डॉ त्यागराजन ने कहा है कि ''आधी रात को खबर मिली कि कुछ लोग हंगामा कर रहे हैं। कुछ असामाजिक तत्वों ने बार-बार इमरजेंसी चेन खींची और दो स्पेशल ट्रेनें होने के बावजूद स्पेशल ट्रेनों की मांग की। उन्होंने जाने वाले छात्रों को भी रोका। जिससे हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। अब स्थिति पूरी तरह सामान्य है और ट्रेनें रवाना हो चुकी हैं। परीक्षा देने वालों के लिए ट्रेनें पहले ही निकल चुकी हैं। ट्रेनों का परिचालन भी सामान्य रूप से चल रहा है।''

दुकानों में भी अभ्यर्थियों ने की तोड़फोड़

घटना के चश्मदीद संजय कुमार शर्मा का कहना है कि, ''शुरू में लोगों ने ट्रेनों को रोक दिया था और उन्हें आगे नहीं बढ़ने दे रहे थे। प्रशासन रुकावट हटाने पहुंचा, लेकिन भीड़ टस-से-मस नहीं हुई। इसी बीच भारी हंगामा और हिंसा हुई। मेरी पूरी दुकान तोड़ दी गई है। अंदर बड़े-बड़े पत्थर फेंके गए। मैं किसी तरह अपनी जान बचाकर भाग पाया। छात्र बहुत गुस्से में थे।

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