एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों के वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने दिल्ली सरकार की एजेंसियों के साथ एक समीक्षा बैठक आयोजित की।
नई दिल्ली। एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों के वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के अध्यक्ष राजेश वर्मा और जीएनसीटीडी (GNCTD) के मुख्य सचिव की सह-अध्यक्षता में बुधवार को एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आगामी दिनों में दिल्ली में प्रभावी वायु प्रदूषण रोकथाम के लिए समन्वित कार्रवाई को मजबूत करने और धूल प्रदूषण के मुद्दों की समीक्षा करने हेतु दिल्ली सरकार की संबंधित एजेंसियों के साथ चर्चा की गई।
खुले क्षेत्रों में धूल कम करने के निर्देश
एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आयोग ने इस बात पर जोर दिया कि सभी संबंधित एजेंसियों को समय-समय पर जारी उसके कानूनी निर्देशों (Statutory Directions) का कड़ाई से पालन करना चाहिए और उनका सख्ती से क्रियान्वयन सुनिश्चित करना चाहिए। विशेष रूप से एमसीडी (MCD) को अपने अधिकार क्षेत्र के तहत सड़कों और खुले क्षेत्रों में धूल कम करने के उपायों को मजबूत करने का निर्देश दिया गया। विज्ञप्ति में आगे कहा गया कि इससे पहले 07 सितंबर 2026 के नोटिस के जरिए एमसीडी को अपने सभी उपायुक्तों के साथ 12 अक्टूबर 2026 को आयोग के समक्ष उपस्थित होने और सड़कों से धूल व कचरे को हटाने के लिए किए जा रहे/किए गए प्रयासों पर एक विस्तृत क्षेत्र-वार (zone-wise) प्रस्तुति देने का निर्देश दिया गया था।
धूल प्रदूषण के मुद्दों पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश
आज की बैठक के दौरान, डीपीसीसी (DPCC) को प्रभावी वायु प्रदूषण रोकथाम के लिए सभी संबंधित एजेंसियों के बीच आपसी तालमेल सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा, यह बात संज्ञान में आई है कि दिल्ली भर में निर्माण कार्य में शामिल कई एजेंसियां और विभाग धूल कम करने के उपाय (जैसे विंड बैरियर, डस्ट स्क्रीन आदि की स्थापना) सुनिश्चित नहीं कर रहे हैं, और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि खुदाई के काम से धूल का जमाव हो रहा है। विज्ञप्ति में कहा गया कि संबंधित विभागों को पहचाने गए धूल प्रदूषण के मुद्दों पर तुरंत कार्रवाई करने, उल्लंघन के मामलों में संबंधित अधिकारियों और परियोजना प्रस्तावक/कार्यान्वयन एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
निर्देशों को लागू करने में विफल रहने वाले अधिकारियों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
इस बीच, आयोग ने दोहराया कि कानूनी निर्देशों को लागू करने में विफल रहने वाले अधिकारियों, विशेषकर धूल कम करने के उपायों के संबंध में, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जीएनसीटीडी के जिला मजिस्ट्रेट अनुपालन की निगरानी करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके संबंधित क्षेत्रों में जमीन पर उपायों को लागू किया जाए।
(इनपुट: ANI)
यह भी पढ़ें: वाराणसी एयर शो के पास पर बीजेपी प्रतिनिधियों की तस्वीरें लगाने पर अजय राय ने उठाया सवाल, चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग