उत्तर प्रदेश में विकास खंड स्तर पर एक-एक कैरियर काउंसलर की तैनाती की जाएगी। ये काउंसलर बोर्ड परीक्षाओं के दौरान और सामान्य रूप से छात्रों के मानसिक तनाव को कम करने का काम करेंगे।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विकास खंड स्तर पर एक-एक कैरियर काउंसलर की तैनाती की जाएगी। ये काउंसलर बोर्ड परीक्षाओं के दौरान और सामान्य रूप से छात्रों के मानसिक तनाव को कम करने का काम करेंगे।
यूपी में माध्यमिक शिक्षा विभाग ने बोर्ड परीक्षाओं के दौरान और सामान्य रूप से छात्रों के मानसिक तनाव को कम करने के लिए एक नई योजना शुरू की है। "समग्र शिक्षा" कार्यक्रम के तहत प्रदेश के सभी 820 ब्लॉकों में एक-एक कैरियर काउंसलर की तैनाती की जाएगी। इन्हें 25 हजार रुपये महीने मानदेय दिया जाएगा।
उत्तर प्रदेश में 2000 से ज्यादा राजकीय, 4500 से ज्यादा अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालय और काफी संख्या में स्ववित्त पोषित विद्यालय भी हैं। यहां लाखों छात्र पढ़ते हैं और 50 लाख से ज्यादा हर साल बोर्ड परीक्षा में शामिल होते हैं। इन छात्रों को विशेष रूप से कॅरिअर से जुड़ी जानकारी की जरूरत होती है। इसे देखते हुए शिक्षा मंत्रालय ने समग्र शिक्षा के तहत पहले चरण में हर ब्लॉक में एक, एक काउंसलर की तैनाती का निर्णय लिया है। इसके लिए योग्यता पीजी साइकोलॉजी या कॅरिअर काउंसिलिंग में डिप्लोमा और तीन साल का अनुभव जरूरी है। ये काउंसलर ब्लॉक के प्रमुख राजकीय माध्यमिक विद्यालय में रिपोर्ट करेंगे। इसके साथ ही ब्लॉक के सभी स्कूलों में चरणबद्ध तरीके से जाकर छात्रों से संवाद करेंगे। उनके सवालों के जवाब देंगे। इतना ही नहीं ये विद्यालय के शिक्षकों को भी प्रशिक्षित करेंगे ताकि वे भी छात्रों का मार्गदर्शन करने के लिए तैयार हो सकेंगे।
ये काउंसलर शिक्षा मंत्रालय के "माई कॅरिअर एप" का भी प्रयोग करेंगे। इस एप पर भी कॅरिअर से जुड़ी काफी जानकारी और सामग्री उपलब्ध है। इसमें परीक्षा के तनाव को कम करने से जुड़े वीडियो भी उपलब्ध हैं।
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