उत्तर प्रदेश में जनगणना पहली बार स्वगणना की सुविधा के साथ कराई जाएगी। यह प्रक्रिया राज्य में आगामी 22 मई से शुरू होगी।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जनगणना पहली बार स्वगणना की सुविधा के साथ कराई जाएगी। यह प्रक्रिया राज्य में आगामी 22 मई से शुरू होगी। देश भर में होने वाली जनगणना 2027 की प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए जनगणना कार्य निदेशालय में शनिवार को एक दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यशाला में इस कार्य से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन राजस्व परिषद की आयुक्त एवं सचिव Kanchan Verma तथा जनगणना निदेशक Sheetal Verma ने किया।
22 मई से शुरू होगी जनगणना
Kanchan Verma ने बताया कि प्रदेश में जनगणना की प्रक्रिया 22 मई से 20 जून तक संचालित की जाएगी। जनगणना के आंकड़े देश के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए इसे जन-जन की भागीदारी से जोड़कर जन अभियान का रूप देना आवश्यक है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनगणना कार्य में किसी प्रकार की बाधा या विसंगति पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति जनगणना अधिनियम के तहत दंड का पात्र होगा।
डिजिटल होगी जनगणना प्रक्रिया
Sheetal Verma ने कार्यशाला में अपने प्रस्तुतीकरण में जनगणना की प्रक्रिया, समय-सीमा और डिजिटल रूपांतरण की विस्तृत जानकारी दी। प्रदेश में जनगणना कार्य के लिए लगभग 5.5 लाख प्रगणक एवं पर्यवेक्षक तैनात किए जाएंगे, जो प्रशासन की निगरानी में कार्य करेंगे। यह कार्य केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयास से पूरा किया जाएगा।
स्वगणना की भी मिलेगी सुविधा
इस बार आम नागरिकों के लिए स्वगणना की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। स्वगणना पोर्टल 7 मई से 21 मई 2026 तक सक्रिय रहेगा, जिस पर नागरिक स्वयं अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन
बताया गया कि जनगणना 2027 को उत्तर प्रदेश में पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संपादित किया जाएगा। डाटा संग्रहण, प्रविष्टि, सत्यापन और निगरानी का कार्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित हो सके।
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