केंद्र सरकार ने इटावा से कोटा तक बनने वाले 15,000 करोड़ रुपये के अटल एक्सप्रेसवे को मंजूरी दी है। 400 किमी से अधिक लंबी यह परियोजना परिवहन, निवेश और रोजगार को बढ़ावा देगी।
इटावा (उत्तरप्रदेश)। उत्तर प्रदेश के इटावा जनपद के लिए केंद्र सरकार ने एक और महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की स्वीकृति के बाद अब 'अटल एक्सप्रेसवे' के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। इस परियोजना पर करीब 15,000 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।
इटावा से कोटा तक बनेगा 400 किलोमीटर से अधिक लंबा एक्सप्रेसवे
प्रस्तावित अटल एक्सप्रेसवे इटावा से राजस्थान के कोटा तक बनाया जाएगा। इसकी कुल लंबाई 400 किलोमीटर से अधिक होगी। यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश और राजस्थान के बीच तेज, सुरक्षित और आधुनिक सड़क संपर्क उपलब्ध कराएगा, जिससे यात्रा का समय काफी कम होगा और व्यापार, उद्योग तथा पर्यटन को भी नई गति मिलेगी।
तीसरे एक्सप्रेसवे से परिवहन हब के रूप में बढ़ेगी इटावा की पहचान
अटल एक्सप्रेसवे बनने के बाद इटावा देश के प्रमुख एक्सप्रेसवे नेटवर्क से और अधिक मजबूत तरीके से जुड़ जाएगा। इससे पहले जनपद में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पहले से संचालित हैं। अब तीसरे एक्सप्रेसवे के जुड़ने से इटावा की पहचान उत्तर भारत के एक महत्वपूर्ण परिवहन हब के रूप में और मजबूत होगी।
रोजगार, निवेश और आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, निवेश को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी। साथ ही माल परिवहन आसान होने से उद्योगों और किसानों को भी सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
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