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सीजी सिटी के वेटलैंड को बनाया जा रहा बेहतर

प्रवासी पक्षियों को आकर्षित करने के लिए सीजी सिटी के वेटलैंड को बनाया जा रहा बेहतर

UP News : शीत ऋतु में राजधानी आने वाले प्रवासी पक्षियों के स्वागत के लिए सीजी सिटी स्थित वेटलैंड को निखारा जा रहा है। इसके लिए एलडीए ने गोमती टास्क फोर्स व टर्टल सर्वाइवल एलायंस नामक संगठन के साथ..

प्रवासी पक्षियों को आकर्षित करने के लिए सीजी सिटी के वेटलैंड को बनाया जा रहा बेहतर

प्रवासी पक्षियों को आकर्षित करने के लिए सीजी सिटी के वेटलैंड को बनाया जा रहा बेहतर |

UP News : शीत ऋतु में राजधानी आने वाले प्रवासी पक्षियों के स्वागत के लिए सीजी सिटी स्थित वेटलैंड को निखारा जा रहा है। इसके लिए एलडीए ने गोमती टास्क फोर्स व टर्टल सर्वाइवल एलायंस नामक संगठन के साथ करार किया है। इससे शहर का शहर में ईको टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही राजधानी कणो स्मार्ट सिटी बनाने में मदद मिलेगी। मालूम हो कि हर वर्ष सर्दियों के मौसम में प्रवासी पक्षी राजधानी आते हैं। जलीय स्थल इन पक्षियों की पहली पसंद होते हैं।

इन पक्षियों को आकर्षित करने के लिए एनजीओ की भागीदारी से राजधानी के सीजी सिटी वेटलैंड को निखारा जा रहा है। इसके तहत वेटलैंड में उपजी जलकुंभी समेत अन्य हानिकारक जलीय पौधे हटाए जा रहे हैं। ठोस अपशिष्ट का प्रबंधन करते हुए पानी में ऑक्सीजन की मात्रा नियंत्रित की जाएगी। इससे ईको टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। आम नागरिकों का यहां प्रवेश निशुल्क है।

सीजी सिटी में इकाना क्रिकेट स्टेडियम के पीछे 37 एकड़ क्षेत्रफल में वेटलैंड विकसित किया गया

एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि सीजी सिटी में इकाना क्रिकेट स्टेडियम के पीछे 37 एकड़ क्षेत्रफल में वेटलैंड विकसित किया गया है। सर्दी का मौसम आते ही प्रवासी पक्षियों ने यहां डेरा डालना शुरू कर दिया है। इसे ध्यान में रखते हुए वेटलैंड का कायाकल्प कराया जा रहा है। इसके लिए दो संस्थाओं से करार किया गया है। टेरिटोरियल आर्मी के मेजर एएस नागी के नेतृत्व में गोमती टास्क फोर्स की टीम ने काम शुरू भी कर दिया है। वेटलैंड से हटाई जाने वाले जलकुंभी समेत अन्य जैविक पदार्थों को उपयोगी खाद में तब्दील किया जाएगा।

एलडीए वीसी ने बताया कि जल गुणवत्ता की निगरानी के लिए पानी के सैंपल का लैब में परीक्षण कराया जाएगा। फिर रासायनिक-जैविक तकनीकि के इस्तेमाल से प्रदूषित जल का उपचार किया जाएगा। जल शुद्धीकरण के लिए कैना और वेटीवर आदि पौधों का प्रयोग होगा।

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