टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद ने अभिषेक बनर्जी ने कहा कि इवीएम से नहीं बल्कि चुनाव आयोग द्वारा बनाए जा रहे वोटर लिस्ट से वोट की चोरी हो रही है।
कोलकाता। टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद ने अभिषेक बनर्जी ने कहा कि इवीएम से नहीं बल्कि चुनाव आयोग द्वारा बनाए जा रहे वोटर लिस्ट से वोट की चोरी हो रही है। कांग्रेस समेत तमाम भाजपा विरोधी पार्टियों को इस तथ्य को समझना और रोकना चाहिए। भाजपा वोटर लिस्ट में वोट की चोरी के बल पर सत्ता में आ रही है। उन्होंने चुनाव आयोग पर किसी के इशारे पर काम करने का आरोप लगाते हुए उन्हें कहा कि केंद्र में भाजपा की मौजूदा सरकार हमेशा के लिए नहीं है जबकि देश का संविधान हमेशा के लिए है। भाजपा के सत्ता में नहीं रहने पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार क्या करेंगे।
ड्राफ्ट से बाहर हुए एक करोड़ 36 लाख वोटरों के नामों की सूची प्रकाशित करने की मांग
टीएम नेता अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी का दस सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की और पश्चिम बंगाल में चल रही एसआइआर प्रक्रिया संबंधी दस मुद्दों पर बातचीत की। टीएमसी प्रतिनिधि मंडल ने पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट से बाहर किए गए एक करोड़ 36 लाख वोटरों के नामों की सूची प्रकाशित करने और बीएलए की मौजूदगी में वोटरों की सुनवाई करने की मांग की जिसे ज्ञानेश ने मानने से इनकार कर दिया।
टीएमसी प्रतिनिधि मंडल ने दस मुद्दों पर की बातचीत
टीएमसी के प्रतिनिधि मंडल में कल्याण बनर्जी, ममता बाला ठाकुर, साकेत गोखले, डोरेक ब्रायन, ऋतव्रत बनर्जी, नादीमूल हक और पश्चिम बंगाल के तीन मंत्री चंद्रिका भट्टाचार्य, मानस भुइंया और प्रदीप मजुमदार शामिल थे। टीएमसी नेता व सांसद अभिषेक बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात के बाद बताया कि उनके नेतृत्व में टीएमसी का प्रतिनिधि मंडल ने मुख्य चुनाव अयुक्त से करीब एक महीना पहले मुलाकात की थी और एसआइआर संबंधी पांच मुद्दों पर बातचीत की थी। इस बार टीएमसी प्रतिनिधि मंडल ने उनसे दस मुद्दों पर बातचीत की। उन्होंने दो मुद्दों पर विचार करने का भरोसा दिया और बाकी मुद्दों पर चुप रहे या इंकार कर दिया। अभिषेक बनर्जी ने ज्ञानेश कुमार को हठी बताया।
चुनाव आयोग का नामों को सार्वजनिक करने से इनकार
टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने कहा कि वोटर लिस्ट से हटाए गए एक करोड़ 36 लाख वोटरों के नामों को सार्वजनिक करने की मांग की गई। टीएमसी प्रतिनिधि मंडल ने उसमें भारी गड़बड़ी होने का उदारहण दिया और नामों को सार्वजनिक नहीं करने का कारण पूछा लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त कोई सटीक जबाव देने की बजाय नामों को सार्वजनिक करने से साफ इनकार कर दिया। वे यह भी नही बता पाए कि 2002 के वोटर लिस्ट से मौजूदा वोटर लिस्ट के वोटरों के नामों का मिलान में वोटरों की संख्या दूसरे राज्यों की तुलना में सबसे कम पश्चिम बंगाल में है लेकिन सबसे अधिक पर्यवेक्षकों और चुनाव अधिकारियों को तैनात क्यों किया गया है।
बांग्लादेशी घुसपैठी और रोहिंग्या के नाम पर वैध वोटरों के नाम काटने की साजिश
उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त भी नही बता पाए कि गणना फार्मं को अपलोड करने के एक ही दिन कैसे वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट जारी कर दिया गया। टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठी और रोहिंग्या के नाम पर बड़ी सख्या में वैध वोटरों के नाम काटने की साजिश की जा रही है। मुख्य चुनाव आयोग यह नहीं बता पाए कि किस नियम के तहत बीएलए को वोटरो की सुनवाई केंद्रों में नहीं रखा जा रहा है। उन्होंने इस बारे में लिखित निर्देश जारी करने या लिख कर देने से साफ इंकार कर दिया। वे लिखित दें तो टीएमसी उनके खिलफ कोर्ट में जाएगी। मुख्य चुनाव आयोग का इसका डर है कि उनकी ज्यादती करने की पोल खुल जाएगी।
वोटरो की सुनवाई में वरिष्ठ और शरीर से लाचार नागरिकों को बुलाया जा रहा है। मुख्य चुनाव आयोग ने इसको देखने का भरोसा दिया।
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