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CJP की शिक्षा मंत्री को 5 सूत्री चेतावनी

'युवा सब देख रहे हैं': नए शिक्षा मंत्री को CJP की चेतावनी, 5 सूत्री चार्टर लागू करने की मांग

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने शनिवार को नव नियुक्त केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी को चेतावनी देते हुए कहा कि युवा सब देख रहे हैं।

युवा सब देख रहे हैं नए शिक्षा मंत्री को cjp की चेतावनी 5 सूत्री चार्टर लागू करने की मांग

CJP Warns New Education Minister on Demands |

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने शनिवार को नव नियुक्त केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी को चेतावनी देते हुए कहा कि "युवा सब देख रहे हैं।" उन्होंने सरकार से संगठन के पांच सूत्री शिक्षा सुधार चार्टर को लागू करने और भविष्य में परीक्षा प्रश्नपत्र लीक रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। केंद्रीय शिक्षा मंत्री का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद एएनआई से बातचीत में दास ने कहा कि देशव्यापी छात्र आंदोलन ने दिखा दिया है कि युवा अब जवाबदेही की मांग करेंगे। उन्होंने कहा, "हमारी मांगों को देशभर के युवाओं का समर्थन मिला। जो भी शिक्षा मंत्री बने, उसे पता होना चाहिए कि युवा सब देख रहे हैं। कागज लीक रोकिए और हमारे पांच सूत्री चार्टर को लागू कीजिए। सरकार ने एक महीने के भीतर बैठक का वादा किया है, जिसके बाद आगे की स्थिति देखेंगे।"

'धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा युवाओं की जीत'

दास ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों और युवाओं की बड़ी जीत बताते हुए कहा, "आज इतिहास रचा गया है। सरकार ने न सिर्फ इस्तीफा स्वीकार किया, बल्कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने और भविष्य में कार्रवाई न करने का आश्वासन भी दिया है। आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को नियमों के अनुसार उचित मुआवजा देने की बात भी कही गई है।"

'15 अगस्त अब सही मायने में मनाएंगे'

दास ने कहा कि इस आंदोलन ने देश में भय का माहौल खत्म करने की दिशा में काम किया है। उन्होंने कहा, "इस बार 15 अगस्त को हम सही मायने में आजादी का जश्न मनाएंगे। युवाओं ने दिखा दिया है कि लोकतंत्र में सवाल पूछना और अपने अधिकारों के लिए खड़ा होना जरूरी है।" दास ने आंदोलन के दौरान शांति बनाए रखने के लिए सभी प्रदर्शनकारियों और समर्थकों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, "सभी साथियों ने शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन को सफल बनाया। जिन्होंने युवाओं का साथ दिया, उनका हम दिल से आभार व्यक्त करते हैं।"

पुलिस और RAF कर्मियों पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

दास ने आरोप लगाया कि 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान कुछ पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) कर्मियों ने अत्यधिक बल प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों पर गंभीर आरोप हैं, उनके खिलाफ सबूत जुटाकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर अदालत का भी रुख किया जाएगा।

दिल्ली पुलिस के साथ बैठक को बताया सकारात्मक

दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार के साथ हुई बैठक पर दास ने कहा कि बातचीत सकारात्मक रही और कई मुद्दों पर सहमति बनी। सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने भी कहा कि 20 जुलाई की घटनाओं की समीक्षा की गई और दिल्ली पुलिस के सहयोग की सराहना की गई।

'यह सिर्फ इस्तीफा नहीं, लोकतंत्र की जीत है'

रांका ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा केवल एक मंत्री का पद छोड़ना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की जीत का प्रतीक है। उन्होंने कहा, "पिछले 37 दिनों का आंदोलन इतिहास में उस दौर के रूप में याद किया जाएगा, जब देश के युवाओं ने अपने अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए आवाज उठाई।" आंदोलन समाप्त होने के बाद जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बहाल कर दी गईं। वहीं, दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) ने भी पूरे नेटवर्क में सामान्य परिचालन फिर से शुरू कर दिया।

सरकार ने दिया आगे बातचीत का भरोसा

सीजेपी ने बताया कि केंद्र सरकार ने NEET उम्मीदवारों के परिवारों को उचित मुआवजा देने, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने और शिक्षा सुधारों पर पांच सूत्री चार्टर के आधार पर चर्चा जारी रखने का आश्वासन दिया है। दोनों पक्षों के बीच अगले चार सप्ताह में फिर बैठक होने की उम्मीद है। संगठन ने कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के 26 दिन के गांधीवादी सत्याग्रह को लोकतांत्रिक आंदोलन की नैतिक शक्ति बताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि भी दी।

(एएनआई)

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