बरेली के बनमपुरी गांव में बुखार से पीड़ित कक्षा छह के 12 वर्षीय छात्र की इलाज के दौरान मौत हो गई। ग्रामीणों ने गंदगी और जलभराव को लेकर चिंता जताई है।
बरेली (उत्तर प्रदेश)। हाफिजगंज थाना क्षेत्र के बनमपुरी गांव में बुखार से पीड़ित कक्षा छह के 12 वर्षीय छात्र की इलाज के दौरान मौत हो गई। छात्र की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। वहीं, गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई। बनमपुरी गांव निवासी निरंजन देव का बेटा आर्यन कक्षा छह में पढ़ता था। परिजनों के मुताबिक, आर्यन को कई दिनों से बुखार आ रहा था। शुरुआत में स्थानीय स्तर पर उसका इलाज कराया गया, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ।
हालत बिगड़ने पर निजी अस्पताल में कराया भर्ती
आर्यन की हालत बिगड़ने पर परिजन उसे चार सितंबर को बरेली के एक निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे। यहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार चल रहा था। परिजनों के अनुसार, मंगलवार रात उपचार के दौरान अचानक उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। चिकित्सकों के प्रयास के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिजन सदमे में आ गए। वहीं, परिवार के लोगों को सांत्वना देने के लिए गांव में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
गांव में गंदगी और जलभराव से ग्रामीण चिंतित
घटना के बाद ग्रामीणों ने गांव की साफ-सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। गांव के प्रशासक हरपाल ने बताया कि बारिश के बाद जगह-जगह गंदगी और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब तीन महीने से सफाई कर्मचारी गांव में नहीं आया है। ग्रामीणों के अनुसार, सफाई कर्मचारी के नहीं आने से नालियों और रास्तों पर गंदगी जमा हो गई है। उनका कहना है कि गंदगी और जलभराव के कारण गांव में संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजने की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कई लोग बुखार समेत अन्य बीमारियों से पीड़ित हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजकर जांच कराने और जरूरतमंदों को दवाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। इसके साथ ही ग्रामीणों ने गांव में नियमित सफाई कर्मचारी तैनात करने की भी मांग की है।
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