उत्तर प्रदेश में बढ़ते बायु प्रदूषण से निपटने के लिए योगी सरकार अगले साल से 'यूपी स्वच्छ वायु प्रबंधन परियोजना' (UP-CAMP) शुरू करेगी।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बढ़ते बायु प्रदूषण से निपटने के लिए योगी सरकार अगले साल से 'यूपी स्वच्छ वायु प्रबंधन परियोजना' (UP-CAMP) शुरू करेगी। विश्व बैंक के सहयोग से लागू होने वाली 304.66 मिलियन डॉलर की इस परियोजना में वायु प्रदूषण कम करने के लिए स्वच्छ नगरीय परिवहन, प्रदूषण मुक्त उद्योग, कृषि और स्वच्छ खाना पकाने के विकल्पों पर फोकस रहेगा।
मुख्यमंत्री अगले वर्ष स्वच्छ वायु प्रबंधन परियोजना का करेंगे औपचारिक शुभारंभ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अगले वर्ष 'उत्तर प्रदेश स्वच्छ वायु प्रबंधन परियोजना' का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य प्रदेश को स्वच्छ, स्वस्थ और आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बनाना है। परियोजना के शासी निकाय की अध्यक्षता प्रदेश के मुख्य सचिव करेंगे, जबकि प्रमुख सचिव और अपर मुख्य सचिव इसके सदस्य होंगे। हाल ही में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई शासी निकाय की बैठक में परियोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए।
इस परियोजना पर कुल 2760 करोड़ रुपये की आएगी लागत
विश्व बैंक के सहयोग से लागू की जा रही इस परियोजना का कुल परिव्यय 2760 करोड़ रुपये (304.66 मिलियन अमेरिकी डॉलर) है। इसमें 2714 करोड़ रुपये (299.66 मिलियन डॉलर) का ऋण और 45.29 करोड़ रुपये (5 मिलियन डॉलर) का अनुदान शामिल है। विश्व बैंक के निदेशक मंडल ने 10 दिसंबर 2025 को इस परियोजना की स्वीकृति दी थी। परियोजना वर्ष 2025 से 2031 तक छह वर्षों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाना है।
भारत की पहली वायुक्षेत्र-आधारित परियोजना
उत्तर प्रदेश स्वच्छ वायु प्रबंधन परियोजना भारत की पहली वायुक्षेत्र-आधारित वायु गुणवत्ता प्रबंधन परियोजना है, जिसे इंडो-गंगा मैदान में वायु प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यह आईआईटी कानपुर, आईआईटी दिल्ली और नॉर्वे के वायु अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक अध्ययनों पर आधारित है।
सरकार का स्वच्छ परिवहन पर विशेष ध्यान
परियोजना के अंतर्गत नगरीय परिवहन में प्रदूषण फैलाने वाले वाहन हटाकर लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और गोरखपुर में 15 हजार विद्युत चालित तिपहिया वाहन तथा 500 विद्युत चालित बसों का संचालन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 13,500 से अधिक प्रदूषण फैलाने वाले भारी वाहनों के स्थान पर स्वच्चछ विकल्प अपनाने के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा।
औद्योगिक समूहों के लिए स्वच्छ वायु प्रर्वधन योजनाएं
औद्योगिक क्षेत्र में संसाधन-कुशल ईंट निर्माण तकनीकों और सुरंग भट्टों को प्रोत्साहित किया जाएगा। औद्योगिक समूहों के लिए स्वच्छ वायु प्रर्वधन योजनाएं तैयार की जाएंगी तथा छोटे भाप बॉयलरों के स्थान पर साझा बॉयलर सुविधाओं को अपनाने के लिए नीतिगत ढांचा और व्यवहार्यता अध्ययन किया जाएगा। इसके साथ ही लगभग 39 लाख परिवारों को स्वच्छ भोजन पकाने के समाधान उपलब्ध कराए जाएंगे।
वायु प्रदूषण में प्रभावी कमी लाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय बढ़ाकर सीमा पार उत्सर्जन से निपटने की रणनीति अपनाएगी, ताकि कम लागत में अधिक प्रभावी और स्थायी परिणाम सुनिश्चित किए जा सकें।
यह भी पढ़ें: https://www.primenewsnetwork.in/state/up-tops-the-country-in-registering-waqf-properties/101185
वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण में देश में शीर्ष स्थान पर यूपी