शिमला में बीजेपी की पदयात्रा और जनसभा के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर निशाना साधा।
शिमला: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को वोट चोरी और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में हेरफेर के कांग्रेस के आरोपों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को ईवीएम के खिलाफ विपक्ष के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से पहले इस्तीफा दे देना चाहिए था। शिमला में बीजेपी द्वारा आयोजित एक पदयात्रा और जनसभा के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए सरमा ने कांग्रेस पर उसी प्रणाली के सत्ता में आने के बावजूद चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। सरमा ने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू को ईवीएम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में जाने से पहले इस्तीफा दे देना चाहिए था। वह खुद ईवीएम के जरिए मुख्यमंत्री बने और अब वह उसी व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं जिसने उन्हें जन्म दिया है।
हिमाचल में दिल जीतने का दावा
उन्होंने कहा कि बीजेपी देश के विकास, शांति, उसकी सांस्कृतिक और सनातन परंपराओं के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस काम को जारी रखने के लिए पार्टी को बार-बार सत्ता में लौटना होगा। हिमाचल प्रदेश में वोट चोरी के आरोपों से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए सरमा ने कहा कि कांग्रेस राज्य में अपने रोजगार के वादों को पूरा करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी और सुखविंदर सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश में पांच लाख नौकरियों का वादा किया था, लेकिन कुछ नहीं हुआ। असम में हमने एक लाख नौकरियां देने की प्रतिबद्धता जताई थी, लेकिन हमने 1.07 लाख नौकरियां दीं। बीजेपी वोट नहीं चुराती, हम लोगों का दिल जीतते हैं। हम हिमाचल प्रदेश के लोगों का दिल जीतने के लिए काम करेंगे।
चुनाव आयोग पर सवाल उठाने वालों को घेरा
सरमा ने चुनावी अनियमितताओं पर कांग्रेस के रुख पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अगर विपक्षी नेताओं का मानना है कि चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया से समझौता किया गया है, तो उन्हें चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव आयोग या ज्ञानेश कुमार बुरे हैं, तो उत्तर प्रदेश में चुनाव क्यों लड़ते हैं? अगर महात्मा गांधी ने कोई चुनाव जीता होता, तो क्या वह यह कहते कि उनका चुनाव सही था लेकिन किसी और का गलत था? यह मूल गांधी का तरीका नहीं है, यह नकली गांधी का काम है। असम के मुख्यमंत्री ने चुनावी प्रणाली के खिलाफ अपने आरोपों को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भी आलोचना की और उन्हें असम आने की चुनौती दी। सरमा ने कहा कि राहुल गांधी बांग्लादेश से प्रभावित हैं। उन्हें असम आना चाहिए। मैं उन्हें असम-बंगाल सीमा के रास्ते बांग्लादेश भेज दूंगा, जहां वे अपना विरोध प्रदर्शन जारी रख सकते हैं।
घुसपैठियों को संरक्षण देने का लगाया आरोप
चुनावी नतीजों पर सरमा ने चुनिंदा निर्वाचन क्षेत्रों को जीतने पर कांग्रेस के फोकस पर सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी व्यापक जनादेश सुरक्षित करने में असमर्थ रही है। उन्होंने कहा कि अगर देश में 540 सीटें हैं, तो आपको उनमें से एक बड़ी संख्या जीतनी चाहिए। एक या दो सीटें जीतने का जश्न मनाने का क्या मतलब है? 18 या 20 सीटों वाले चुनावों में अगर आप केवल एक जीतते हैं, तो बाकी सीटें कौन जीतता है? आप असम में एक सीट जीत सकते हैं, लेकिन बाकी सीटें बीजेपी जीतेगी। उन्होंने कहा कि बीजेपी व्यक्तिगत निर्वाचन क्षेत्रों में जीत का जश्न मनाने के बजाय देश को जीतने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। सरमा ने आगे कांग्रेस नेतृत्व पर घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया और कहा कि पूरे देश में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि घुसपैठियों का सबसे बड़ा संरक्षक गांधी परिवार है। गांधी परिवार को बांग्लादेश भेज दो, घुसपैठिए उनके पीछे-पीछे चले जाएंगे। हर असमिया और बंगाली एनआरसी का समर्थन करता है। जब तक एनआरसी लागू नहीं होता, घुसपैठियों की समस्या बनी रहेगी।
हिमाचल में बीजेपी की सरकार बनने पर लौटने का ऐलान
राष्ट्रीय सुरक्षा पर सरमा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सुरक्षित है। उन्होंने दावा किया कि देश के सशस्त्र बल इसकी सीमाओं की रक्षा करने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि जब मोदी हैं, तो देश में शांति है। हमारी सेना, वायु सेना और नौसेना बहुत शक्तिशाली हैं, और चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। जवाहरलाल नेहरू के समय में चीनी सैनिक असम में घुस आए थे। मेरे पिता ने असम में चीनी सेना को देखा था, लेकिन आज हम चीन को असम में प्रवेश करते नहीं देखते। हिमाचल प्रदेश के लोगों के लिए अपने संदेश के बारे में पूछे जाने पर सरमा ने कहा कि जब राज्य में बीजेपी की सरकार बनेगी, तो वह वापस आएंगे। उन्होंने कहा कि मेरे पास हिमाचल प्रदेश के लोगों के लिए सिर्फ एक संदेश है। जब राज्य में बीजेपी का मुख्यमंत्री शपथ लेगा, तब मैं वापस आऊंगा।
(ANI)
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