West bengal : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिख कर एसआईआर के तहत वोटरों की सुनवाई के दौरान
West bengal : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिख कर एसआईआर के तहत वोटरों की सुनवाई के दौरान बूथ लेवेव एजेंटों (बीएलय़ए) को मौजूद रहने देने की मांग करते हुए कहा कि हो रही तमाम गड़बड़ियों को रोके, नहीं तो एसआईआर बंद कर दें। लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त ने उनकी मांग को सिरे से खारिज करने का संकेत दे दिया है और राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दे दिया है कि वोटरों की सिनवाई के दैरान टीएमसी के ही नहीं, किसी भी पार्टी के बीएलए को नहीं रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तीसरी बार मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखा है। उन्होंने अपने तीसरे पत्र में एसआईआर की प्रक्रिया में हो रही गड़बड़ियों पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि जिस रूप में एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है, उसमें तमाम अमियमितताएंव प्रशासनिक कमियां हैं और उससे बड़ी संख्या में वोटरों के नाम कट जाएंगे। जब तक तमाम गड़बड़ियों को सुधार नहीं लिए जाने स्थिति में एसआईआर बंद कर दिया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसके पहले 20 नवंबर 2025 और दो दिसंबर 2025 को पत्र लिख चुकी है और उन दोनों पत्रों में एसआईआर की प्रक्रिया में हो रही गड़बड़ियों का उल्लेख कर चुकी है। उन्होंने उन दोनों पत्रों में भी बड़ी संख्या में वोटरों के नामं कटने की चिंता जताई है। उन्होंने अपने तीसरे पत्र में इसी चिंता को प्रमुखता से रखा है और कहा कि इससे लोकतांत्रिक आधार कमजोर हो सकता है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहनी है कि एसआईआर के लिए जल्दबाजी की गई है। एसआईआर शुरू करने के पहले जमीनी जरूरी कार्य नहीं किए गए है जिसके चलते तमाम कमियां रह गई हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त का ध्यान खराब आईटी सिस्टम, अलग-अलग निर्देश, नियुक्त अधिकारियों को अधूरा प्रशिक्षण, बीएलओ पर काम का बोझ आदि की ओर खिंचा है।
इधर, मुख्य चुनाव आयुक्त ने मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल को कहा है कि वोटरों की सुनवाई के वक्त टीएमसी के बीएलए ही नहीं, किसी भी पार्टी के बीएलए मौजूद नहीं रहेंगे। उन्होंने पहले ही मुख्य चुनाव आधिकारी को यह निर्देश दे दिया है कि वोटरों की सुनवाई के वक्त बाधा डालने वालों या चुनाव अधिकारियों को धमकाने वालों के खिलाफ अफआईआर दर्ज कराई जाए।
टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद के नेतृत्व में टीएमसी का प्रतिनिधि मंडल मुख्य चुनाव आयुक्त से दो बार मुलाकात कर चुका है और एसआईआर की प्रक्रिया में हो रही गड़बड़ियों को उनके सामने रख चुका है। दूसरी बार मुलाकात में प्रतिनिधि मंडल ने बीएलए को वोटरों की सुनवाई के दौरान उपस्थित रहने देने की मांग रखी और मुख्य चुनाव आयुक्त ने इसे पूरा करने से साफ मना कर दिया।
यह भी पढ़ें : https://www.primenewsnetwork.in/world/maulana-madani-spoke-about-the-violence-against-hindus-in-bangladesh/103105