कोलकाता। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त...
CM उमर अब्दुल्ला और दिल्ली के पूर्व CM अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के समर्थन में आए आगे |
कोलकाता। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का विरोध करने के मामले में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का समर्थन किया है।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल ने अलग-अलग बयान में कहा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पश्चिम बंगाल की सरकार को विश्वास में लेकर आईएएस और आईपीएस अधिकारियों का तबादला करना चाहिए था।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अधिकारियों का तबादले से विधानसभा चुनाव के नतीजे को प्रभावित नहीं किया जा सकता। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के रवैये को अनुचित बताते हुए उसके प्रति नाराजगी जताई। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त की आलोचना की।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को दो बार पत्र लिख कर अपना विरोध जताया है। मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा राज्य के मुख्य सचिव, गृह सचिव और डीजीपी के तबादला करने पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पत्र लिख कर कहा कि चुनाव आयोग को दबादले और नियुक्ति के मद्देनजर राज्य सरकार से अधिकारियों के नामों की सूची मांगनी चाहिए थी। राज्य सरकार एक-एक पद के लिए तीन-तीन अधिकारियों का नामों की सूची देती और चुनाव आयोग उन अधिकारियों से में किसी भी अधिकारी को चुन सकता था।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पत्र लिखने के बाद भी चुनाव आयुक्त ने राज्य सरकार को विश्वास में लिए बिना काफी संख्या में आईएएस और आईपीएस के अधिकारियों का दबादला और नियुक्ति की। इस पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दूसरा और लंबा पत्र लिख कर विरोध जताया और कहा कि पश्चिम बंगाल में अघोषित राष्ट्रपति शासन और अपातकाल जैसे हालात बनाएं गए हैं।
यह भी पढ़ें : https://www.primenewsnetwork.in/state/raisen-farmer-killed-in-wheat-thresher-accident/150416