मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन में 818 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र बांटे। युवाओं ने निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की सराहना की है।
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य में निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के तहत युवाओं को सरकारी नौकरी मिलने का सिलसिला जारी है। शनिवार को राजधानी लखनऊ के लोकभवन में एक विशेष नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से विभिन्न विभागों में चयनित कुल 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाने के बाद सभी चयनित युवाओं के चेहरे खिल उठे और उन्होंने पूरी प्रक्रिया की सराहना की।

बिना भेदभाव और लेनदेन के पूरी हुई चयन प्रक्रिया
नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों ने एक स्वर में कहा कि इस सरकार में बिना किसी भेदभाव और लेनदेन के पूरी चयन प्रक्रिया निष्पक्षता से संपन्न हुई है। युवाओं ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी नौकरी का उनका सपना अब साकार हो गया है। अयोध्या के एक्सरे टेक्नीशियन पद पर चयनित प्रिंस सिंह ने बताया कि फॉर्म भरने में केवल 150 रुपये खर्च हुए थे और इसके अलावा उन्हें एक भी रुपया नहीं देना पड़ा। उन्होंने कहा कि इतनी कम लागत में पारदर्शी तरीके से नौकरी मिलना केवल योगी सरकार में ही संभव है।

मेहनत करने वाले युवाओं को मिल रहा उनका हक
होम्योपैथिक फार्मासिस्ट पद पर चयनित आकाश शुक्ला और वाराणसी की साक्षी सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाना उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि इस पारदर्शी व्यवस्था से उन लोगों को कड़ा सबक मिला है जो पहले नियुक्तियों में गड़बड़ी करते थे। बलरामपुर के शिव शंकर ने साझा किया कि उन्हें योगी सरकार में दूसरी बार नियुक्ति पत्र पाने का सौभाग्य मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व की सरकारों में इंटरव्यू के दौरान पैसे चलते थे, लेकिन मौजूदा सरकार ने इंटरव्यू प्रक्रिया को समाप्त कर पूरी ईमानदारी से नियुक्तियां शुरू की हैं।

परिवारों में जश्न का माहौल और पूरी हुई यूनानी प्रवक्ता भर्ती
सहारनपुर की होम्योपैथिक फार्मासिस्ट आराधना चौधरी, प्रिंसी गुप्ता और पल्लवी देवी ने भी नियुक्ति प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष बताते हुए कहा कि कड़ी मेहनत के बाद उन्हें यह सफलता हासिल हुई है। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलने से उनका पूरा परिवार गौरवान्वित महसूस कर रहा है। वहीं, गोरखपुर की डॉ. सफिया बानो का चयन प्रवक्ता यूनानी के पद पर हुआ है। उन्होंने जानकारी दी कि उनकी भर्ती प्रक्रिया मात्र 15 महीने के भीतर पूरी कर ली गई, जिससे स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ कार्य कर रही है।
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