Uttar Pradesh : गोरखपुर मंदिर में श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का शुभारंभ हुआ. इसके साथ ही गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन का आयोजन हुआ. सीएम योगी ने जनता की समस्याएं सुनीं.
Uttar Pradesh : गोरखपुर मंदिर में श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का शुभारंभ हुआ. इसके साथ ही गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन का आयोजन हुआ. सीएम योगी ने जनता की समस्याएं सुनीं. इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि ‘घबराइए मत, आपकी समस्या का प्रभावी समाधान सुनिश्चित कराएंगे.
जनता दर्शन में कुछ लो गंभीर समस्याएं लेकर आए थे. सीएम योगी ने कहा कि इलाज में धन की कमी बाधक नहीं होगी. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं. सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि इलाज में अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द पूर्ण कराकर शासन में भेजें.
गोरखपुर मंदिर में श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का शुभारंभ हुआ. इस कार्यक्रम में सीएम योगी शामिल हुए. उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा निजी स्वार्थवश होने वाली गति को दुर्गति से बचाने, उत्थान की ओर ले जाने तथा जीवन के रहस्यों को उद्घाटित करने वाली कथा है, जब व्यक्ति स्वार्थ में डूबने की गति में होता है तो उसकी दुर्गति होने में देर नहीं लगती. गति को दुर्गति से बचाने और प्रगति में बदलने का मार्ग परमार्थ और लोक कल्याण का है. यही मार्ग हमें श्रीमद्भागवत कथा दिखाती है.
मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक धरातल पर उतारकर लोक कल्याण और लोक कल्याण से राष्ट्र कल्याण ही गोरक्षपीठ का अभीष्ट है. पीठ के पूज्य आचार्यों ने लोक कल्याण से राष्ट्र कल्याण का मार्ग प्रशस्त करने में अपना जीवन समर्पित कर दिया.
गोरक्षपीठ सैद्धांतिक और व्यावहारिक ज्ञान
सीएम योगी ने कहा कि सीएम योगी ने कहा कि गोरक्षपीठ की परंपरा में पूज्य आचर्यद्वय की पुण्य स्मृति में प्रतिवर्ष गोरक्षपीठ में कथा ज्ञानयज्ञ का आयोजन किया जाता है. इस दौरान विद्यार्थी, साधक और श्रद्धालु ज्ञान, भक्ति और कर्म की त्रिवेणी में गोता लगाकर जीवन के वास्तविक ज्ञान से परिचित होते हैं. कथा के माध्यम से गोरक्षपीठ पूज्य आचर्यद्वय की स्मृतियों को जीवंत करती है. उन्होंने कहा कि गोरक्षपीठ सैद्धांतिक और व्यावहारिक ज्ञान के समन्वय की पीठ है.
भारत के कल्याण में ही सबका कल्याण
सीएम योगी ने कहा कि गोरक्षपीठाधीश्वर ने कहा कि भारत की अनादिकाल से चली आ रही परंपरा में ज्ञान प्राप्ति के अनेक मार्ग व माध्यम हैं, पर कोई यह नहीं कह सकता कि वही श्रेष्ठ है. शिक्षार्थी और साधक के लिए मार्ग भले अलग अलग हों, लेकिन मंजिल सबकी एक ही है. वह मंजिल है, सनातन और भारत का कल्याण. याद रखना होगा कि सनातन और भारत के कल्याण में ही सबका कल्याण है. जिन कारणों से सनातन को नुकसान पहुंच सकता है उसे लेकर गलतफहमी नहीं होनी चाहिए कि उससे हमारा कल्याण हो जाएगा. सनातन को नुकसान पहुंचने पर मानव के अस्तित्व पर संकट उत्पन्न हो जाएगा. सनातन के कल्याण से ही हर व्यक्ति का कल्याण होगा.
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