देश की पहली वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज की टिहरी पंप स्टोरेज प्लांट परियोजना की तृतीय यूनिट का बुधवार को वाणिज्यिक शुभारंभ हो गया है।
लखनऊ। देश की पहली वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज की "टिहरी पंप स्टोरेज प्लांट परियोजना" की तृतीय यूनिट का वाणिज्यिक शुभारंभ बुधवार को केंद्रीय विद्युत तथा आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर और उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा ने किया। 1000 मेगावाट क्षमता वाली 250 मेगावाट की परियोजना का विधिवत शुभारंभ मनोहर लाल खट्टर और एके शर्मा ने वर्चुअल सहभागिता करते हुए किया।
भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार का संयुक्त उद्यम है टिहरी पीएसपी
टिहरी पीएसपी देश की प्रथम वेरिएबल स्पीड तकनीक वाली पंप स्टोरेज परियोजना है, जो ऑफ-पीक घंटों में अतिरिक्त बिजली को स्टोर करके ग्रिड को 1000 मेगावाट तक की पीकिंग पावर उपलब्ध कराएगी। परियोजना भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार का संयुक्त उद्यम है। इसका विकास टिहरी जल विकास निगम (टीएचडीसी) द्वारा किया जा रहा है, जो निर्माण कार्य वर्तमान में उन्नत चरण में है और कुछ महीनों में इसका परिचालन शुरू होने की उम्मीद है।
उत्तराखंड में भागीरथी नदी पर स्थित है यह परियोजना
टिहरी पंप स्टोरेज परियोजना (पीएसपी) भारत के उत्तराखंड में गंगा नदी की सहायक नदी भागीरथी नदी पर स्थित है। 260.5 मीटर की ऊंचाई के साथ यह विश्व के सबसे ऊंचे बांधों में से एक है। टिहरी पीएसपी भारत के उत्तरी ग्रिड को पीक पावर सप्लाई करेगी और बिजली की आपूर्ति और मांग (पीक डिमांड के दौरान) को संतुलित करके ग्रिड की स्थिरता में सुधार करेगी।
टिहरी पीएसपी संयंत्र में जोड़ी जाएगी 1,000 मेगावाट बिजली की अतिरिक्त क्षमता
टिहरी पीएसपी संयंत्र में 1,000 मेगावाट बिजली की अतिरिक्त क्षमता जोड़ी जाएगी, जिससे कुल क्षमता 2,400 मेगावाट हो जाएगी। पंप स्टोरेज परियोजना में, ऊर्जा की कम मांग के समय निचले जलाशय से ऊपरी जलाशय में पानी पंप किया जाता है, और फिर ऊर्जा की अधिक मांग के समय पंप टर्बाइनों के माध्यम से बिजली उत्पन्न करने के लिए पानी को वापस निचले जलाशय में छोड़ा जाता है।
दो इकाई पहले ही सफलतापूर्वक कर रही है वाणिज्यिक उत्पादन
परियोजना की चार इकाइयों में से प्रथम दो पहले ही सफलतापूर्वक वाणिज्यिक उत्पादन कर रही हैं, जबकि तृतीय इकाई के संचालन से परियोजना की क्षमता और अधिक मजबूत हुई है। वेरिएबल स्पीड पीएसपी तकनीक की सहायता से बिजली की मांग के अनुरूप ऊर्जा का रियल टाइम स्टोरेज एवं रिलीज संभव हो सकेगा। इससे राष्ट्रीय ग्रिड पर लोड मैनेजमेंट और अधिक सुदृढ़ होगा और नवीकरणीय ऊर्जा को बिना किसी रूकावट के ग्रिड से जोड़ा जा सकेगा।
तृतीय इकाई के उत्पादन से उत्तर प्रदेश को प्राप्त होगी 25 प्रतिशत विद्युत
इस कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य ऊर्जा मंत्री श्रीपाद नाइक, उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (ऊर्जा) नरेंद्र भूषण, सचिव विद्युत मंत्रालय भारत सरकार पंकज अग्रवाल सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे। यूपी के ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा ने इस मौके पर कहा कि तृतीय इकाई के उत्पादन से 25 प्रतिशत विद्युत उत्तर प्रदेश को प्राप्त होगी, जिससे राज्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में बड़ी मदद मिलेगी। उन्होंने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर का आभार व्यक्त करते हुए आशा जताई कि परियोजना की चौथी इकाई का उद्घाटन भी आगामी महीनों में संपन्न हो जाएगा।
यह भी पढ़ें:https://www.primenewsnetwork.in/state/kishore-wadhwani-hit-with-2000-crore-tax-demand-by-indore-central-gst/100759
इंदौर सेंट्रल GST ने गुटखा कारोबारी किशोर वाधवानी समेत कई संस्थानों को थमाया ₹2000 करोड़ का नोटिस