राजगढ़ जिले में मंडी शुल्क बढ़ोतरी के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, किसानों और व्यापारियों ने प्रदर्शन किया। नेताओं ने शुल्क वृद्धि वापस लेने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
राजगढ़ (मध्य प्रदेश)। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा कृषि उपज मंडियों में मंडी शुल्क 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत किए जाने के विरोध में सारंगपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, किसान नेताओं और व्यापारियों ने शुक्रवार को उप मंडी संडावता में प्रदर्शन किया। उन्होंने शुल्क वृद्धि को वापस लेने की मांग की।
शुल्क वृद्धि को लेकर कांग्रेस ने मंडी परिसर में की नारेबाजी, सौंपा ज्ञापन
इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री के नाम मंडी प्रभारी अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने मंडी परिसर में मंडी अधिकारी राजेंद्र गुप्ता के सामने नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि मंडी शुल्क में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी का सीधा असर किसानों और व्यापारियों पर पड़ेगा। इससे कृषि उपज के व्यापार की लागत बढ़ेगी, जिसका नुकसान अंततः किसानों को उठाना पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने किसानों और व्यापारियों से बिना चर्चा किए यह निर्णय लिया है।
कांग्रेस ने ज्ञापन में मंडी शुल्क पुरानी दर पर लागू करने समेत रखीं चार मांगें
मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में कांग्रेस ने चार मांगें रखीं। इनमें मंडी शुल्क को अंतिम निर्णय होने तक तत्काल प्रभाव से 1.5 प्रतिशत से वापस लेकर पूर्व की दर 1 प्रतिशत पर लागू रखने की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, किसान एवं व्यापारी प्रतिनिधियो के साथ बैठक कर व्यापक किसान हितैषी नीति तैयार करने तथा भविष्य में किसी भी प्रकार की शुल्क वृद्धि से पहले किसानों और व्यापारियों के हितों को प्राथमिकता देने की भी मांग की गई।
निर्णय वापस नहीं हुआ तो प्रदेशभर में आंदोलन तेज करने की चेतावनी
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही शुल्क वृद्धि का निर्णय वापस नहीं लिया, तो प्रदेशभर में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने इस निर्णय को किसान और व्यापारी विरोधी बताते हुए सरकार से पुनर्विचार की अपील की।जिसमें पचोर,सारंगपुर,नरसिंहगढ़ ,कुरावर,राजगढ़ में ज्ञापन दिया।
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