छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा जिले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सभा के बाद एक भीषण सड़क हादसा हो गया...
छिंदवाड़ा हादसे पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, कहा - सीएम की सभा में भीड़ जुटाने था दबाव
|
छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा जिले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सभा के बाद एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। मुख्यमंत्री की सभा में शामिल होने के बाद ग्रामीणों को लेकर लौट रही एक बस की टक्कर मिनी ट्रक से हो गई थी। यह दुर्घटना छिंदवाड़ा-नागपुर रोड पर हुई।
कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस पार्टी ने इस मामले में प्रशासनिक दबाव का आरोप लगाया है। कांग्रेस का कहना है कि प्रशासन ने कर्मचारियों पर मुख्यमंत्री की सभा में भीड़ जुटाने का अनुचित दबाव बनाया था। सोशल मीडिया पर मोहखेड़ जनपद पंचायत के सीईओ का एक कथित पत्र वायरल हो रहा है। कांग्रेस का दावा है कि इस पत्र में पंचायत सचिवों और रोजगार सहायकों को बसें भरकर भीड़ लाने का निर्देश दिया गया था और ऐसा न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी।
मानवीय संवेदना पर उठाए सवाल
कांग्रेस ने इसे 'क्रूरता' बताते हुए कहा कि सत्ता के प्रदर्शन के लिए आम लोगों और सरकारी कर्मचारियों की जान जोखिम में डाली गई। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दिल्ली से लौटकर सीधे छिंदवाड़ा का दौरा किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और घायलों का हालचाल जानने अस्पताल पहुंचे।
मासूम लोगों को भीड़ की कीमत जान देकर चुकानी पड़ी
सरकार ने मृतकों के परिजनों को ₹8 लाख (शुरुआती ₹4 लाख से बढ़ाकर) और घायलों को ₹1 लाख की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। प्रशासन ने हादसे के कारणों और 'अनफिट' बस के उपयोग को लेकर जांच के आदेश दिए हैं। कांग्रेस ने कहा, क्या यह क्रूरता नहीं है? प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग कर जबरन भीड़ जुटाई गई, जिसकी कीमत मासूम लोगों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।
यह भी पढ़ें : https://www.primenewsnetwork.in/state/ngt-cracks-down-on-illegal-groundwater-extraction-in-up/152442