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यूपी वोटर लिस्ट में अजीब नाम पर विवाद, जांच जारी

यूपी की वोटर लिस्ट में 'राम ने शर्मा को मारा' नाम पर विवाद, CEO बोले- गलतियों की जांच जारी

उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने सोमवार को राज्य की मतदाता सूची में अजीब नाम दर्ज होने की बात स्वीकार की।

यूपी की वोटर लिस्ट में राम ने शर्मा को मारा नाम पर विवाद ceo बोले- गलतियों की जांच जारी

Controversy Over Bizarre Name in UP Voter List, Probe Underway |

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने सोमवार को राज्य की मतदाता सूची में अजीब नाम दर्ज होने की बात स्वीकार की। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग ऐसी गलतियों के कारणों की जांच कर रहा है और भविष्य में इन्हें रोकने के लिए उचित कदम उठाए जा रहे हैं। एक्स पर पोस्ट किए गए बयान में यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतदाता पर्चियों में जालसाजी करने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने मीडिया और आम जनता से सोशल मीडिया पर कोई भी जानकारी साझा करने से पहले उसकी पुष्टि करने की अपील भी की है। यूपी के CEO ने कहा, “हाल ही में उत्तर प्रदेश में हुए एमएलसी चुनावों के दौरान मतदाता सूची में कुछ अजीब नाम सामने आए। ऐसी गलतियों के कारणों की जांच की जा रही है और दोबारा ऐसा न हो, इसके लिए उचित कार्रवाई की जा रही है। जानकारी मिली है कि कुछ फर्जी मतदाता पर्चियां भी वायरल हुई हैं, जिन्हें कई जाने-माने मीडिया संस्थान और लोग साझा कर रहे हैं। जालसाजी के लिए जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।”

सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करने से पहले सत्यापन की अपील

बयान में कहा गया, “मतदाता सूची के बारे में सोशल मीडिया पर किसी के द्वारा साझा की गई जानकारी को सच मानकर उद्धृत करने, दिखाने या प्रकाशित करने से पहले संबंधित अधिकारियों से उसकी पुष्टि कर लेना उचित होगा। हमारे अधिकारी किसी भी वास्तविक सवाल का तुरंत जवाब देंगे।” सोमवार सुबह यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदाता सूची में 'राम ने शर्मा को मारा' नाम दर्ज होने को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे एक गलती बताया और कहा कि इसके पीछे जाति के आधार पर भेदभाव करने का कोई इरादा नहीं था। यूपी के CEO ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, “हाल के विधान परिषद चुनावों की मतदाता सूची में भी एक अजीब नाम है: 'राम ने शर्मा को मारा।' कंप्यूटर या सॉफ्टवेयर जातिवादी नहीं होते। यह माना जा सकता है कि हमसे गलती हुई, लेकिन अच्छी बात यह है कि गलती के दौरान भी जाति के आधार पर कोई भेदभाव नहीं हुआ। हमें भगवान का भी शुक्रिया अदा करना चाहिए कि राम ने किसी अल्पसंख्यक को नहीं मारा। नहीं तो जातिवादी होने के अलावा सांप्रदायिक होने का भी आरोप लगेगा।”

संजय सिंह ने जातिगत भेदभाव का लगाया आरोप

यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी का यह बयान आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता संजय सिंह की टिप्पणी के बाद आया। संजय सिंह ने मतदाता सूची में दर्ज ऐसे नामों को लेकर जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया था। उन्होंने एक्स पर लिखा, “आखिरकार राम ने खास तौर पर एक 'यादव' को ही क्यों मारा? राम ने सिंह, पाठक, अस्थाना, शर्मा, राय या बिष्ट को क्यों नहीं मारा? क्या आपका कंप्यूटर बहुत ज्यादा जातिवादी है?” मतदाता सूची में दर्ज इन अजीब नामों को लेकर राजनीतिक विवाद के बीच कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, “यह हैंडल @ceoup कौन चला रहा है? वैसे भी, आप लोगों के पास बचाने के लिए कोई खास विश्वसनीयता नहीं बची है। जो थोड़ा-बहुत भ्रम है, यह हैंडल उसे खुद ही दूर कर रहा है!”

23 अक्टूबर को हुई थी एमएलसी चुनावों के लिए वोटिंग

उत्तर प्रदेश में पांच स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों—लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ और इलाहाबाद-झांसी—और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों—लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद—के लिए 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था। मतों की गिनती 27 अक्टूबर को होनी है।

(ANI)

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