प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम

सिहोरा हिंसा के आरोपियों की जमानत याचिका खारिज

सिहोरा सांप्रदायिक हिंसा मामले में कोर्ट सख्त, आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज

सिहोरा में हुई सांप्रदायिक हिंसा के मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और दंगा भड़काने वाले आरोपियों की जमानत अर्जी को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

सिहोरा सांप्रदायिक हिंसा मामले में कोर्ट सख्त आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज

Court Denies Bail in Sihora Communal Violence Case |

जबलपुर। जिले के सिहोरा (आजाद चौक) में हुई सांप्रदायिक हिंसा के मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और दंगा भड़काने वाले आरोपियों की जमानत अर्जी को पूरी तरह खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा "इस स्तर पर अभियुक्तगणों को जमानत का लाभ दिए जाने पर सांप्रदायिक तनाव बढ़ने व सार्वजनिक शांति भंग होने का गंभीर खतरा पैदा होगा। अतः सभी अभियुक्तगणों को जमानत का लाभ देना न्यायोचित प्रतीत नहीं होता।"

यह है मामला

घटना 19 फरवरी 2026 की रात को सिहोरा के आजाद चौक की है। इलाके में स्थित एक मंदिर में आरती और पास ही स्थित मस्जिद में नमाज का समय एक ही था। इस दौरान एक युवक द्वारा मंदिर की सुरक्षा ग्रिल (रेलिंग) तोड़े जाने के बाद विवाद भड़क गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया और भारी पथराव शुरू हो गया। उपद्रवियों ने दुकानों और वाहनों को भी निशाना बनाया।

पुलिस की कार्रवाई

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। घटना के बाद सिहोरा में भारी पुलिस बल तैनात किया गया और पुलिस ने 49 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया। फिलहाल क्षेत्र में शांति बनी हुई है, लेकिन एहतियात के तौर पर पुलिस बल की तैनाती जारी है। प्रशासन ने लोगों से सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरों और अफवाहों से बचने की अपील की है।

यह भी पढ़ें: https://www.primenewsnetwork.in/state/mp-govt-revises-ujjain-indore-greenfield-corridor-after-farmers-protest/145971

किसानों के विरोध के बाद उज्जैन-इंदौर ग्रीनफील्ड कॉरिडोर में अहम बदलाव

Related to this topic: