इंदौर। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और मानसिक तनाव के बीच युवाओं ने राहत पाने का एक अनोखा और...
इंदौर। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और मानसिक तनाव के बीच युवाओं ने राहत पाने का एक अनोखा और पारंपरिक तरीका सामने आया है। इंदौर के साथ-साथ देश के कई बड़े महानगरों में 'काउ कडलिंग' (Cow Cuddling) यानी गायों को गले लगाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। इसे 'वेलनेस विद काउ' थेरेपी भी कहा जा रहा है।
यह महंगे इलाज का विकल्प
दवाइयों और महंगे मनोचिकित्सकों (Psychiatrists) के चक्कर लगाने के बजाय, अब लोग तनाव कम करने के लिए प्रकृति और पशुओं की शरण में जा रहे हैं। इस थेरेपी के प्रति लोगों की दीवानगी इतनी अधिक है कि वे गायों के साथ समय बिताने और उन्हें गले लगाने के लिए 3500 रुपये तक की फीस देने को तैयार हैं।
युवाओं में यह क्रेज लोकप्रिय
इंदौर जैसे तेजी से विकसित होते शहरों के अलावा अन्य मेट्रो शहरों में भी यह 'क्रेज' युवाओं और वर्किंग प्रोफेशनल्स के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा है।
यह है 'काउ कडलिंग' थेरेपी
यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति गाय के पास बैठकर उसे सहलाता है या उसे गले लगाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि गाय के शरीर का तापमान और उसकी शांत धड़कनें इंसान के तनाव (Stress) को कम करने में मदद करती हैं। इसे 'ऑक्सीटोसिन' (खुशी का हार्मोन) रिलीज करने का एक प्रभावी जरिया माना जा रहा है।
बढ़ रही है इसकी लोकप्रियता
मानसिक शांति के लिए लोग ऑफिस के दबाव और निजी जीवन की चिंताओं से घिरे लोग कुछ पल सुकून के बिताना चाहते हैं। देशी और प्राकृतिक अनुभव करते हैं। य00ह थेरेपी लोगों को उनकी जड़ों और ग्रामीण परिवेश से जोड़ती है। सोशल मीडिया ट्रेंड बन रहा है। महानगरों के युवाओं के लिए यह एक नया लाइफस्टाइल ट्रेंड भी बन गया है, जो वेलनेस और इंस्टाग्राम संस्कृति का हिस्सा बनता जा रहा है।
प्राचीन पद्धति फिर से ले रही अपनी जगह
जहाँ एक ओर आधुनिक चिकित्सा विज्ञान अपनी जगह है, वहीं दूसरी ओर 'काउ कडलिंग' जैसे प्राचीन और प्राकृतिक तरीकों का फिर से उभरना यह दिखाता है कि लोग अब मानसिक स्वास्थ्य के लिए शांति और स्थिरता की तलाश कर रहे हैं।
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