समस्तीपुर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां पुलिस की पिटाई से कस्टडी में युवक की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर परिजनों के बीच कोहराम मच गया।
समस्तीपुर (बिहार)। समस्तीपुर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां पुलिस की पिटाई से कस्टडी में युवक की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर परिजनों के बीच कोहराम मच गया। समस्तीपुर उत्पाद विभाग की टीम ने दो दिन पहले हलई थाना क्षेत्र के बाजिदपुर करनैल वार्ड-1 निवासी स्व. बटोही महतो के 35 वर्षीय पुत्र सुनील कुमार महतो को शराब मामले में गिरफ्तार किया था।
पुलिस हिरासत में हुई थी युवक की मौत
परिजनों के अनुसार, उत्पाद पुलिस गिरफ्तारी के दौरान और फिर पटोरी पुलिस हाजत में आरोपी युवक की जमकर पिटाई की गई थी। उसके बाद गिरफ्तार युवक को जेल भेज दिया गया था, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आनन-फानन में उसे अस्पताल लाई, जहां चिकित्सक ने भी उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की शरीर पर मौजूद पिटाई का निशान, ब्लिडिंग से पता चलता है कि पुलिस पिटाई से ही युवक की मौत हुई है।
भाकपा माले नता ने की निंदा
वहीं भाकपा माले के जिला स्थाई समिति सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा है कि एक हट्टे-कट्टे युवा की यूं ही मौत नहीं होगी। पुलिस पिटाई से पुलिस हाजत में युवक की मौत को गंभीर मामला बताते हुए उन्होंने इसकी निंदा की है। साथ ही घटना की जांच कर दोषी पुलिस एवं अधिकारी पर एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेजने एवं नौकरी से बर्खास्त करने, मृतक के परिवारजनों को 10 लाख रुपए मुआवजा देने, पुलिस की मनमानी पर रोक लगाने की मांग की है।
पुलिस पर लगा मानवधिकार के उल्लंघन का आरोप
माले नेता ने बुधवार को एक प्रेस बयान जारी कर कहा है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा पुलिस को खुली छूट देने का नतीजा है कि पुलिस मनमानी पर उतर आई है। पुलिस मानवाधिकार का खुल्लम खुल्ला उलंघन कर रही है। पैसा-पैरवी के बल पर दोषी को निर्दोष एवं निर्दोष को दोषी साबित करती है। उन्होंने दोषी पुलिस-अधिकारियों पर कारवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटना का पुनरावृत्ति न हो सके।
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