उज्जैन। माधवनगर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन मैट्रिक्स' के तहत एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है।
उज्जैन। माधवनगर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन मैट्रिक्स' के तहत एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। पुलिस ने साइबर ठगी में शामिल एक मयूल अकाउंट (Mule Account) का भंडाफोड़ करते हुए इसके संचालक छायेश सेन (35 वर्ष) को गिरफ्तार किया है।
विशेष खाते से संदिग्ध लेन-देन
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देश पर 2 अप्रैल 2026 को शुरू की गई एक जांच के बाद अमल में लाई गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक विशेष बैंक खाते के जरिए संदिग्ध और बड़े पैमाने पर लेनदेन किया जा रहा है। जांच में आरोपी के खाते से ₹67 लाख से अधिक का संदिग्ध लेनदेन पाया गया है।
यह है मयूल अकाउंट
यह एक ऐसा बैंक खाता होता है जिसका उपयोग साइबर अपराधी अवैध रूप से कमाए गए पैसे को छिपाने या ट्रांसफर करने के लिए करते हैं। अक्सर खाताधारक को थोड़े से कमीशन का लालच देकर उनके खाते का इस्तेमाल किया जाता है। माधवनगर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घेराबंदी कर छायेश सेन को धर दबोचा।
मयूल अकाउंट के असली मास्टरमाइंड का पता लगाने की कोशिश
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस मयूल अकाउंट के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है और इस पैसे का स्रोत क्या था। आशंका जताई जा रही है कि यह पैसा देश के विभिन्न हिस्सों में की गई साइबर ठगी से जुड़ा हो सकता है।
इधर, भोपाल में शादी के कार्ड से धोखाधड़ी
भोपाल में यहां एक व्यक्ति को शादी के कार्ड के नाम पर 'डिजिटल जाल' फैलाया। यह मामला करीब छह महीने पहले शुरू हुआ। जालसाजों ने व्हाट्सएप पर PWD अधिकारी को एक मैसेज भेजा। इसमें एक APK फाइल संलग्न थी। मैसेज में दावा किया गया था कि यह किसी परिचित की शादी का डिजिटल निमंत्रण पत्र (Wedding Card) है। जैसे ही अधिकारी ने उस फाइल को डाउनलोड किया, उनका मोबाइल फोन हैक हो गया। साइबर अपराधियों ने मोबाइल का रिमोट एक्सेस हासिल कर लिया, जिससे वे अधिकारी की निजी जानकारी और बैंकिंग विवरण देख सके।
छह महीने बाद हुई बड़ी चोरी
इस मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ठगों ने तुरंत पैसे नहीं निकाले। उन्होंने छह महीने तक धैर्य रखा और मोबाइल की निगरानी करते रहे। जब उन्हें सही मौका मिला, तो उन्होंने अधिकारी के बैंक खाते से 1.25 लाख रुपये निकाल लिए।
बचाव के लिए महत्वपूर्ण सुझाव
साइबर एक्सपर्ट्स और पुलिस ने इस तरह के 'APK स्कैम' से बचने के लिए कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी है। व्हाट्सएप या किसी अन्य मैसेजिंग ऐप पर अनजान नंबरों से आने वाली .apk फाइलों को कभी भी इंस्टॉल न करें। यदि आप कोई ऐप इंस्टॉल करते हैं, तो देखें कि क्या वह आपकी कॉन्टैक्ट लिस्ट, गैलरी या मैसेज का एक्सेस मांग रहा है जिसकी उसे जरूरत नहीं है। हमेशा गूगल प्ले स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करें और 'Play Protect' फीचर को ऑन रखें।
समय-समय पर पासवर्ड बदलें
अपने बैंकिंग ऐप्स और ईमेल के पासवर्ड बदलते रहें और Two-Factor Authentication (2FA) चालू रखें।
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