प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

ओडिशा में अर्नब कमजोर, रायगढ़ में खतरा टला

ओडिशा में कमजोर पड़ा चक्रवात अर्नब, रायगढ़ में खतरा टला; प्रशासन हाई अलर्ट पर

ओडिशा के रायगढ़ जिले में भारी बारिश कम हो गई है, क्योंकि चक्रवात अर्नब का असर कमजोर पड़ गया है।

ओडिशा में कमजोर पड़ा चक्रवात अर्नब रायगढ़ में खतरा टला प्रशासन हाई अलर्ट पर

Cyclone Arnab weakens in Odisha, danger eases in Rayagada; administration on high alert |

रायगढ़ (ओडिशा) [भारत]: ओडिशा के रायगढ़ जिले में भारी बारिश कम हो गई है, क्योंकि चक्रवात अर्नब का असर कमजोर पड़ गया है। इससे अधिकारियों को तत्काल खतरा कम होने के बावजूद हाई अलर्ट बनाए रखने में मदद मिली है। जिला कलेक्टर आशुतोष कुलकर्णी ने बताया कि जिले में सुबह 8:30 बजे समाप्त हुए 24 घंटों के दौरान 40 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद बुधवार शाम तक लगभग 26 मिमी अतिरिक्त बारिश हुई। कुलकर्णी ने यहां पत्रकारों से कहा, "आज सुबह 8:30 बजे खत्म हुए 24 घंटों में, रायगढ़ में 40 मिमी बारिश दर्ज की गई, और तब से आज शाम तक लगभग 26 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इसलिए यह हमारी उम्मीद से काफी कम है। अब भी, जब बारिश कम हो गई है, तो कोई बड़ा खतरा नहीं है।" स्थानीय प्रशासन मौसम में होने वाले बदलावों से निपटने के लिए तैयार है। अधिकारी क्षेत्र की मौसमी परिस्थितियों पर लगातार नजर रख रहे हैं। आशुतोष कुलकर्णी ने कहा, “फिर भी, हम हाई अलर्ट पर हैं... रायगढ़ में कुछ बारिश होने की संभावना है।”

आंध्र प्रदेश में चक्रवात से भारी नुकसान

आंध्र प्रदेश के कई इलाके चक्रवात अर्नब से जुड़ी तेज हवाओं और भारी बारिश से प्रभावित हुए हैं। इस दौरान कई पेड़ उखड़कर गिर गए, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस बीच, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को केंद्रीय मंत्री अमित शाह से फोन पर बात की और उन्हें राज्यभर में चक्रवात अर्नब से हुई तबाही की जानकारी दी। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने विशाखापत्तनम, कोनासीमा, काकीनाडा, पूर्वी गोदावरी, पश्चिमी गोदावरी, एलुरु और कृष्णा समेत प्रभावित जिलों की मौजूदा स्थिति के बारे में विस्तार से बताया।

70 हजार हेक्टेयर से अधिक फसल प्रभावित

केंद्रीय गृह मंत्री को शुरुआती नुकसान के आकलन की जानकारी देते हुए नायडू ने कहा कि चक्रवात के कारण 70,000 हेक्टेयर से अधिक जमीन पर लगी कृषि फसलें जलमग्न हो गई हैं। प्रशासनिक कार्यों के बारे में बताते हुए नायडू ने कहा कि शुरुआती नुकसान के आकलन की रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी जा रही हैं। उन्होंने चक्रवात से हुए नुकसान का जमीनी स्तर पर आकलन करने के लिए केंद्रीय आकलन टीमों को तत्काल तैनात करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री से प्रभावित क्षेत्रों में राहत, पुनर्वास और बहाली के कार्यों में मदद के लिए केंद्र सरकार से आवश्यक वित्तीय और लॉजिस्टिक सहायता देने का भी अनुरोध किया।

बाढ़ में फंसे पांच लोगों को पुलिस ने बचाया

मंगलवार को चक्रवात अर्नब से जुड़ी भारी बारिश के बीच विजयनगरम ग्रामीण पुलिस ने विजयनगरम मंडल के धर्मपुरी गांव में बाढ़ के पानी से घिरे एक घर में फंसे पांच लोगों को बचाया। यह बचाव अभियान बुधवार को चलाया गया। बचाव अभियान का नेतृत्व विजयनगरम के डीएसपी एस. लक्ष्मण मूर्ति ने किया। इसमें ग्रामीण सर्कल इंस्पेक्टर बी. लक्ष्मण राव, ग्रामीण सब-इंस्पेक्टर वी. प्रसाद राव और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। विजयनगरम ग्रामीण पुलिस स्टेशन के मुताबिक, पिछले दो दिनों में चक्रवात के कारण हुई भारी बारिश के बाद धर्मपुरी गांव के कई घर पानी में डूब गए थे। बाढ़ के पानी से घिरे एक घर में पांच लोगों के फंसे होने की जानकारी मिलने पर ग्रामीण पुलिसकर्मियों ने तुरंत डीएसपी और सर्कल इंस्पेक्टर को सूचित किया।

आईएमडी ने चक्रवात की स्थिति पर दी जानकारी

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार को बताया कि गंभीर चक्रवाती तूफान से कमजोर हुआ चक्रवात अर्नब बुधवार शाम को तटीय आंध्र प्रदेश और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर केंद्रित था। चक्रवात अर्नब के कारण 27 अक्टूबर से 5 नवंबर के बीच कम से कम 22 एक्सप्रेस और यात्री ट्रेन सेवाएं रद्द या निलंबित कर दी गई हैं। प्रभावित ट्रेनों में विशाखापत्तनम-किरंदुल और राउरकेला-जगदलपुर सेवाएं शामिल हैं। इनमें से ज्यादातर ट्रेनें 29 अक्टूबर से 4 नवंबर के बीच रद्द की गई हैं। वहीं, हावड़ा-जगदलपुर समलेश्वरी एक्सप्रेस जैसी कुछ अन्य ट्रेनों के प्रस्थान की तारीख भी बदल दी गई है। आईएमडी भुवनेश्वर की निदेशक मनोरमा मोहंती ने कहा कि चक्रवात तट को पार कर चुका है और पूरी तरह जमीन पर पहुंच गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि ओडिशा में, खासकर राज्य के दक्षिणी हिस्सों में, बारिश और हवा की गति बढ़ने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि ओडिशा के छह जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में हवा की गति 60-70 किलोमीटर प्रति घंटे रहने की संभावना है, जो कुछ जिलों में 80-85 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मोहंती ने कहा, “उत्तर ओडिशा के कुछ तटीय जिलों में भी भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मछुआरों को 29 अक्टूबर तक समुद्र में न जाने की सलाह दी जाती है।”

(ANI)

ये भी पढ़ें: कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप: युगांडा की महिला टीम सेमीफाइनल में पहुंची, भारत का सामना श्रीलंका से

Related to this topic: