नई दिल्ली ज़िले के साइबर पुलिस थाने की एक विशेष टीम ने एक्सपोर्ट कंसल्टेंसी का एक फ़र्ज़ी कॉल सेंटर भंडाफोड़ किया है।
नई दिल्ली। नई दिल्ली ज़िले के साइबर पुलिस थाने की एक विशेष टीम ने एक्सपोर्ट कंसल्टेंसी का एक फ़र्ज़ी कॉल सेंटर भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने विदेश में खरीदार दिलाने और एक्सपोर्ट सर्टिफ़िकेट दिलाने के नाम पर एक्सपोर्टर्स के साथ धोखाधड़ी करने के आरोप में 18 लोगों को गिरफ़्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार लोगों में कथित मास्टरमाइंड भी शामिल है।
खरीदार और सर्टिफिकेट दिलाने के नाम पर ठगी
अधिकारियों के मुताबिक, देश के अलग-अलग हिस्सों से मिली कई एनआरसीपी साइबर धोखाधड़ी शिकायतों की जांच के दौरान इस रैकेट का पर्दाफाश हुआ। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि फर्म के प्रतिनिधि बनकर लोगों ने उनसे संपर्क किया और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से निर्यात ऑर्डर दिलाने में सहायता का वादा किया। पीड़ितों से पहले रजिसट्रेशन या टोकन राशि के रूप में 5,000 रुपये लिए गए। इसके बाद उनसे एक्सपोर्ट सर्विस पैकेज के लिए 19,780 रुपये और कथित ग्लोबल GAP/ट्रस्ट सर्टिफिकेशन व एक्सपोर्ट से जुड़ी अन्य औपचारिकताओं के लिए 41,300 रुपये और जमा करवाए गए।
विदेशी खरीदार बनकर रचा जाता था भरोसे का जाल
विश्वसनीयता बनाने के लिए, आरोपियों ने कथित तौर पर इंटरनेशनल WhatsApp नंबरों का इस्तेमाल किया और अलग-अलग देशों के विदेशी खरीदारों का रूप में काम किया। पीड़ितों को फेक (फर्जी) बातचीत दिखाई गई और भरोसा दिलाया गया कि एक्सपोर्ट ऑर्डर पर काम चल रहा है। हालांकि, पेमेंट मिलने के बाद आरोपी ने या तो जवाब देना बंद कर दिया या आगे बातचीत करने से बचता रहा। इससे शिकायतकर्ताओं को अनुचित नुकसान हुआ।
दिल्ली में छापेमारी कर कॉल सेंटर का खुलासा
टेक्निकल एनालिसिस, डिजिटल सबूतों और लगातार की गई जांच के आधार पर, नई दिल्ली ज़िले के साइबर पुलिस थाने की एक विशेष टीम ने SHO/साइबर पुलिस थाना और ACP/कनॉट प्लेस की देखरेख में दिल्ली स्थित एक परिसर पर छापा मारा। इस अभियान के दौरान, साइबर धोखाधड़ी गतिविधियों में शामिल एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ हुआ जिसे ध्वस्त कर दिया गया। पुलिस ने कॉल सेंटर के मालिक और कथित मास्टरमाइंड प्रदीप कुमार को, टेली-कॉलिंग और उससे जुड़े धोखाधड़ी गतिविधियों में शामिल 18 लोगों के साथ पकड़ा। एक और आरोपी, सम्मी कुमार गिरी, और 16 टेली-कॉलर्स (14 महिलाएं और 2 पुरुष) को BNSS की धारा 35(3) के तहत पाबंद किया गया है।
19 शिकायतों में 10 लाख से ज्यादा की ठगी
छापेमारी में 20 मोबाइल फ़ोन, 35 सिम कार्ड, 6 लैपटॉप, 9 CPU और एक डेबिट कार्ड बरामद किए गए हैं। ज़ब्त इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और डिजिटल सबूतों की अभी जांच की जा रही है, ताकि और पीड़ितों, साथियों और साइबर धोखाधड़ी के जुड़े मामलों का पता लगाया जा सके। अधिकारियों ने बताया कि अब तक इस सिंडिकेट से साइबर धोखाधड़ी की 19 शिकायतें जुड़ी हैं, जिनमें कुल ₹10,57,780 रुपये की धोखाधड़ी हुई है। नेटवर्क के अन्य सदस्यों और अपराध से हुई कमाई का पता लगाने तथा धोखाधड़ी के पूरे दायरे का पता लगाने के लिए आगे की जांच चल रही है। नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने, अपराध से हुई कमाई का पता लगाने और पीड़ितों से ठगी गई कुल रकम का पता लगाने की कोशिशें जारी हैं। (Source: ANI)
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