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दिल्ली सरकार बनाएगी खेती की ज़मीन का डिजिटल डेटाबेस, केंद्र से मिलेंगे पैसे: CM रेखा गुप्ता

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को यह घोषणा की कि दिल्ली सरकार अब खेती और किसानों से जुड़े पूरे कृषि ढांचे को डिजिटल बनाने जा रही है।

दिल्ली सरकार बनाएगी खेती की ज़मीन का डिजिटल डेटाबेस केंद्र से मिलेंगे पैसे cm रेखा गुप्ता

Delhi Govt to create digital database of farmland |

नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को यह घोषणा की कि दिल्ली सरकार अब खेती और किसानों से जुड़े पूरे कृषि ढांचे को डिजिटल बनाने जा रही है। केंद्र की SASCI (राज्यों को पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता) योजना के तहत, दिल्ली के किसानों की एक डिजिटल पहचान बनाई जाएगी और उनकी खेती की ज़मीन का भू-मानचित्रण करके उसका रिकॉर्ड रखा जाएगा। इसके बदले में, केंद्र सरकार राज्य को आर्थिक मदद देगी। हालांकि, यह मदद एक बार में नहीं, बल्कि सरकार द्वारा तय किए गए लक्ष्यों को पूरा करने के आधार पर किस्तों में मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने गिनाए डिजिटल डेटाबेस बनने के लाभ

सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि इस बड़े फैसले से ज़मीन के रिकॉर्ड एकदम सही होंगे और फ़सल बीमा, मुआवज़ा, न्यूनतम समर्थन मूल्य और सब्सिडी जैसी योजनाओं में होने वाली गड़बड़ी खत्म हो जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस सिस्टम से किसानों को सही पहचान, अधिकार और पूरे काम में पारदर्शिता मिलेगी।

केंद्र की SASCI योजना का उद्देश्य

मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र की SASCI योजना का मकसद उन राज्यों को प्रोत्साहन देना है जो खेती को डिजिटल सिस्टम से जोड़ते हैं। सीएम ने कहा, "इस योजना के तहत, दिल्ली में राज्य किसान रजिस्ट्री और डिजिटल फसल सर्वेक्षण लागू किया जाएगा। जैसे-जैसे दिल्ली सरकार इन कामों को पूरा करती जाएगी, वैसे-वैसे केंद्र से आर्थिक सहायता जारी होती जाएगी।"

केंद्र सरकार का ₹5,000 करोड़ का विशेष सहायता पैकेज

सीएम गुप्ता ने आगे कहा कि केंद्र सरकार ने इस योजना के तहत देश भर के राज्यों के लिए कुल ₹5,000 करोड़ का विशेष सहायता पैकेज देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा, "यह राशि उन राज्यों को दी जाएगी जो किसानों और खेती की ज़मीन का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करेंगे। अब दिल्ली को भी इस राशि में से अपना हिस्सा मिलेगा। सरकार अब डिजिटल किसान रजिस्ट्री बनाने, कृषि भूमि का पूरा डिजिटल नक्शा तैयार करने और डिजिटल फसल सर्वेक्षण शुरू करने की तैयारी कर रही है।"

दिल्ली में पहली बार होगा डिजिटल फसल सर्वेक्षण

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि दिल्ली में पहली बार, फ़सल की हाथ से होने वाली गिरदावरी को बदलकर डिजिटल फसल सर्वेक्षण किया जाएगा। हर खेत की जीपीएस लोकेशन रिकॉर्ड की जाएगी। फ़सलों की तस्वीरें ली जाएंगी और उन्हें सैटेलाइट मैप से जोड़ा जाएगा।

पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करने के उपाय

गुप्ता ने ज़ोर देकर कहा, "इससे हर खेत का एक सच्चा और भरोसेमंद रिकॉर्ड बन जाएगा, जिससे फ़सल बीमा, मुआवज़ा, MSP और सब्सिडी योजनाओं में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। सभी कृषि भूमि की भू-संदर्भित (geo-referencing) मैपिंग होगी, जिससे ज़मीन के नक़्शे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगे। हर खेत को 20 मीटर की सटीकता के साथ रिकॉर्ड किया जाएगा। इससे फ़र्ज़ी दावे, ज़मीन के ग़लत क्षेत्रफल की रिपोर्टिंग और जाली दस्तावेज़ जैसी दिक्कतें ख़त्म हो जाएंगी।"

दिल्ली सरकार ने राजस्व विभाग को सौंपी है प्रोजेक्ट की ज़िम्मेदारी

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, SASCI योजना की शर्तों के तहत, दिल्ली सरकार ने केंद्र सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने को मंज़ूरी दे दी है। इसके बाद, दिल्ली को प्रोत्साहन-आधारित वित्तीय सहायता किस्तों में मिलेगी। योजना का नियम है कि प्रदर्शन जितना अच्छा होगा, सहायता उतनी जल्दी जारी होगी। दिल्ली सरकार ने इस प्रोजेक्ट की ज़िम्मेदारी राजस्व विभाग को सौंपी है, क्योंकि ज़मीन के रिकॉर्ड का मुख्य संरक्षक यही विभाग है।

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