दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत इस समय कड़ाके की ठंड के साथ घने कोहरे और गंभीर वायु प्रदूषण की चपेट में है। कई इलाकों में हवा सांस लेने लायक नहीं रह गई है और विजिबिलिटी भी बेहद कम हो गई है।
नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत इस समय कड़ाके की ठंड के साथ घने कोहरे और गंभीर वायु प्रदूषण की चपेट में है। कई इलाकों में हवा सांस लेने लायक नहीं रह गई है और विजिबिलिटी भी बेहद कम हो गई है। मौसम और प्रदूषण का यह खतरनाक मेल आम लोगों के स्वास्थ्य, यातायात और रोजमर्रा की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है।
उत्तर भारत में घने कोहरे का यातायात पर सीधा असर
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में घने से बहुत घने कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश में सुबह और रात के समय कोहरा बेहद घना रहेगा। इसका सीधा असर सड़क, रेल और हवाई यातायात पर पड़ रहा है। कई इलाकों में सुबह के वक्त विजिबिलिटी 20 से 30 मीटर तक सिमट गई है, जबकि कुछ हाईवे और खुले क्षेत्रों में दृश्यता लगभग शून्य दर्ज की गई है। ऐसे हालात में वाहन चालकों को बेहद सावधानी से ड्राइव करना पड़ रहा है और हेडलाइट व फॉग लैंप के बावजूद आगे का रास्ता देख पाना मुश्किल हो रहा है।
दिल्ली-NCR में 'सीवियर' श्रेणी पहुंचा वायु गुणवत्ता सूचकांक
दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) लगातार ‘सीवियर’ श्रेणी में बना हुआ है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, कई इलाकों में AQI 450 से ऊपर दर्ज किया गया है। बाराखंभा रोड पर AQI 474, सरदार पटेल मार्ग पर 483, पंडित पंत मार्ग पर 417 और आनंद विहार व अक्षरधाम जैसे इलाकों में AQI 490 के आसपास दर्ज किया गया है। इन इलाकों में इमारतें, सड़कें और वाहन धुंध में गुम हो गए हैं। यह केवल मौसम की वजह से नहीं, बल्कि प्रदूषण और कोहरे के खतरनाक मेल का नतीजा है, जिसे आम भाषा में स्मॉग कहा जाता है।
ठंड और कोहरा मिलकर बिगाड़ रहे हालात
दिल्ली में इस समय न्यूनतम तापमान 8 से 9 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया है, जबकि अधिकतम तापमान 22 से 23 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। ठंड के साथ-साथ बर्फीली हवाओं का अहसास भी लोगों को परेशान कर रहा है। सुबह और देर रात के समय ठंड और कोहरा मिलकर हालात को और मुश्किल बना रहे हैं।
खराब हवा के कारण GRAP-4 लागू, निर्माण कार्यों, वाहनों पर लगी पाबंदी
खराब हवा को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर में GRAP-4 लागू किया गया है। इसके तहत निर्माण और विध्वंस कार्यों पर रोक, स्टोन क्रशर और माइनिंग गतिविधियां बंद कर दी गई हैं। साथ ही BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल चार पहिया वाहनों के चलने पर भी पाबंदी लगाई गई है। लोगों से सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने की अपील की गई है।
बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं पर पड़ रहा है सबसे ज्यादा असर
प्रदूषण का सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और सांस के मरीजों पर पड़ रहा है। डॉक्टरों ने लोगों को घर से बाहर निकलने से बचने, N95 मास्क पहनने और सावधानी बरतने की सलाह दी है। कई जिलों में कक्षा 5 तक के स्कूल ऑनलाइन कर दिए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण पर लिया संज्ञान
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण पर चिंता जताते हुए कहा कि वह दिल्ली-NCR में बढ़ते वायु प्रदूषण से जुड़े मामलों में ऐसे प्रभावी आदेश पारित करेगा जिन्हें लागू किया जा सके। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और विपुल एम पंचोली की पीठ ने कहा कि वे 17 दिसंबर को दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण संकट के मामले की सुनवाई करेंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक तेज हवाएं या अच्छी बर्फबारी नहीं होती, तब तक राहत की उम्मीद कम है। कुल मिलाकर, यह समस्या अब सिर्फ मौसमी नहीं, बल्कि एक गंभीर पर्यावरणीय संकट बनती जा रही है, जिससे निपटने के लिए स्थायी समाधान जरूरी हैं।
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