राजधानी दिल्ली में शेयर बाजार के नाम पर बंपर मुनाफे का लालच देकर करीब ₹80 लाख की बड़ी ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में शेयर बाजार के नाम पर बंपर मुनाफे का लालच देकर करीब ₹80 लाख की बड़ी ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। दिल्ली पुलिस की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट टीम ने इस हाई-टेक ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट फ्रॉड का पर्दाफाश करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। शातिरों ने पीड़ित को झांसे में लेकर कई बार में लाखों रुपये ट्रांसफर करवा लिए थे।
ठगी का पूरा खेल: ऐसे जाल में फंसाया
पुलिस के मुताबिक, जालसाजों ने पीड़ित को स्टॉक मार्केट से जुड़े इन्वेस्टमेंट प्लान में भारी मुनाफे का झांसा दिया था। आरोपियों के झूठे वादों पर भरोसा करके पीड़ित ने अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए करीब ₹80 लाख का निवेश कर दिया। इसके बाद जब न तो वादा किया गया मुनाफा मिला और न ही मूल रकम वापस आई, तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ।
इस मामले की शिकायत मिलने के बाद राजिंदर नगर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "मामले की जांच के लिए गठित विशेष टीम ने ठगी गई रकम के मूवमेंट का पता लगाने के लिए बैंक खातों, ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड, डिजिटल सबूतों और मोबाइल डेटा की गहन जांच की।"
तकनीकी सर्विलांस से दबोचे गए आरोपी
पुलिस ने जांच के दौरान उन बैंक खातों (Beneficiary Accounts) का बारीकी से विश्लेषण किया, जिनमें पैसे ट्रांसफर किए गए थे। तकनीकी सर्विलांस और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने 17 जून 2026 को दोनों आरोपियों को धर दबोचा। आरोपी पीयूष कुमार को नई दिल्ली के एक होटल से और सह-आरोपी जतिन खजोटिया को गुरुग्राम से पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना अपराध कबूल कर लिया है। उन्होंने माना कि वे मोटी कमाई का लालच देकर लोगों का भरोसा जीतते थे और फिर उन्हें स्टॉक मार्केट स्कीम्स में बड़ी रकम लगाने के लिए राजी कर लेते थे।
25 लाख रुपये के शेयर्स फ्रीज, मनी ट्रेल का खुलासा
पुलिस जांच में यह भी चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ठगी गई रकम का एक हिस्सा कई अलग-अलग बैंक खातों से रूट करते हुए दोबारा शेयर बाजार के ही अलग-अलग इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश कर दिया गया था। पुलिस अधिकारी ने कहा, "आरोपियों के खुलासे के आधार पर जांचकर्ताओं ने सफलतापूर्वक मनी ट्रेल (पैसे के लेन-देन का रास्ता) स्थापित कर लिया है। अपराध की कमाई से बनाई गई संपत्तियों की पहचान कर ली गई है।"
रिकवरी प्रक्रिया के तहत पुलिस ने इस धोखाधड़ी से जुड़े करीब ₹25 लाख के शेयर्स को फ्रीज करवा दिया है। इसके अलावा, इस अपराध से जुड़े अन्य बैंक खातों की भी पहचान कर ली गई है और अन्य वित्तीय संपत्तियों का पता लगाने के लिए आगे की कार्रवाई जारी है। (Source: ANI)
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