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50 हजार का इनामी बदमाश गिरफ्तार

दिल्ली के पॉश गोल्फ लिंक्स में डकैती का मास्टरमाइंड नौकर बिहार से गिरफ्तार, नेपाल भागने की फिराक में था सुशील

दिल्ली के गोल्फ लिंक्स में हुई 35 लाख की सनसनीखेज डकैती के मास्टरमाइंड सुशील कुमार को क्राइम ब्रांच ने बिहार के मधुबनी से गिरफ्तार कर लिया है। उस पर 50 हजार का इनाम था।

दिल्ली के पॉश गोल्फ लिंक्स में डकैती का मास्टरमाइंड नौकर बिहार से गिरफ्तार नेपाल भागने की फिराक में था सुशील

Wanted criminal Sushil Kumar |

नई दिल्ली। नई दिल्ली के अति-सुरक्षित और पॉश इलाके गोल्फ लिंक्स में हुई 35 लाख रुपये की सनसनीखेज डकैती मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस टीम ने वारदात के बाद से फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी मुख्य आरोपी सुशील कुमार (22) को बिहार के मधुबनी जिले से गिरफ्तार कर लिया है। 1 नवंबर को उसे दिल्ली लाकर पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

नेपाल सीमा के पास घोगरडीहा से दबोचा

क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन एंड किडनैपिंग सेल को आरोपी सुशील के बिहार में छिपे होने की सटीक जानकारी मिली थी। चूंकि मधुबनी का यह इलाका नेपाल सीमा से सटा हुआ है, इसलिए पुलिस के लिए यह ऑपरेशन बेहद संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण था।

31 अक्टूबर को इंस्पेक्टर वीर सिंह के मार्गदर्शन और सब-इंस्पेक्टर इमरान व अंकुर की अगुआई वाली विशेष टीम ने घोगरडीहा रेलवे स्टेशन के पास घेराबंदी कर सुशील को दबोच लिया। वह सीमा पार कर नेपाल भागने की फिराक में था।

16 अप्रैल की खौफनाक वारदात और नौकर का धोखा

डकैती की यह सनसनीखेज वारदात 16 अप्रैल 2026 को गोल्फ लिंक्स स्थित 187 नंबर कोठी में हुई थी। 76 वर्षीय बुजुर्ग कारोबारी अशोक चावला के घर में 7 से 8 हथियारबंद बदमाश जबरन दाखिल हुए।

हमलावरों के हाथों में तलवारें और अन्य घातक हथियार थे। बदमाशों ने परिवार को बंधक बनाकर उनके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी देकर घर में रखी 30 से 35 लाख रुपये की नकदी और कीमती गहने लूट लिए थे।

जांच में खुलासा हुआ कि वारदात से कुछ ही दिन पहले चावला परिवार के यहां घरेलू नौकर के रूप में काम पर लगा सुशील कुमार ही इस पूरी डकैती का मुख्य साजिशकर्ता था। उसने ही पूरे घर की रेकी कर अपने साथियों को एंट्री दिलवाई थी। घटना के संबंध में तुगलक रोड थाने में एफआईआर संख्या 29/2026 दर्ज की गई थी।

6 साथी पहले पकड़े गए, सुशील पर घोषित था 50 हजार का इनाम

वारदात के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुशील के 6 सह-आरोपियों को पहले ही सलाखों के पीछे भेज दिया था। हालांकि, सुशील लगातार पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। 

मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने 22 अक्टूबर 2026 को उसकी गिरफ्तारी पर 50,000 रुपये के नकद इनाम की घोषणा की थी।

तकनीकी निगरानी और अंतर-राज्यीय ऑपरेशन की मिसाल

क्राइम ब्रांच के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह सफल अंतर-राज्यीय ऑपरेशन पुलिस की पेशेवर क्षमता और आधुनिक सर्विलांस का बेहतरीन उदाहरण है। तकनीकी निगरानी और जमीनी इनपुट के आधार पर ही पुलिस की टीम बिहार तक पहुंची और इनामी बदमाश को सलाखों के पीछे पहुंचाने में कामयाब रही।

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