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बिजनौर में गन्ना मूल्य बढ़ोतरी की उठी मांग

बिजनौर में गन्ना मूल्य में 600 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ोतरी की मांग, भाकियू ने जताया आक्रोश

भाकियू के जिला अध्यक्ष सुनील प्रधान ने गन्ने के मूल्य में कम से कम ₹600 प्रति क्विंटल बढ़ोतरी की मांग उठाई। किसानों ने बारिश और फसल में बीमारी से हुए नुकसान का मुआवजा देने की भी मांग की।

बिजनौर में गन्ना मूल्य में 600 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ोतरी की मांग भाकियू ने जताया आक्रोश

बिजनौर में गन्ना मूल्य बढ़ोतरी की उठी मांग |

बिजनौर: भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने गन्ना मूल्य बढ़ोतरी को लेकर आक्रोश जताते हुए गन्ना मूल्य बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने 600 रुपए प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य बढ़ाने की मांग की गई है। बता दें बिजनौर के गन्ना समिति परिसर में सैकड़ो की तादात में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता पहुंचे और गन्ना मूल्य बढ़ोतरी की मांग की। भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष सुनील प्रधान ने कहा कि सरकार ने चीनी के रेट बढ़ा दिए हैं। चीनी का रेट लगभग 6000 हजार रुपए क्विंटल है। इस हिसाब से गन्ने का मूल्य 600 रुपए प्रति क्विंटल होना चाहिए। हालांकि किसान 1000 रुपए प्रति क्विंटल की मांग करते चले आ रहे हैं। 

बिजनौर में गन्ना मूल्य बढ़ोतरी और फसल मुआवजे की मांग तेज

सरकार ने चीनी के साथ-साथ पेट्रोल, गैस, दाल, आटा, बिजली अन्य सभी सामानों पर रेट बढ़ा दिए हैं। हालांकि देश के अन्नदाता को सरकार ने पिछले साल लगभग 20-30 रुपए प्रति क्विंटल बढ़कर ठगने का काम किया है। तेज बारिश के कारण धान व गन्ने की फसल किसानो की चौपट हो गई है सरकार उसका भी मुआवजा देने का काम करें। पिछले साल गन्ने की फसल में बीमारी आने से किसान पहले से बर्बाद हो गए हैं, जिसे लेकर किसानों ने गैर जनता से महंगा गन्ने का बीज लेकर गन्ने की बुवाई की है। इसलिए सरकार से लगातार किसान गन्ना मूल्य बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं। आज इसी को लेकर बिजनौर के गन्ना समिति परिसर में गन्ना मूल्य बढ़ोतरी की मांग के साथ-साथ अन्य मांगों को लेकर प्रेस वार्ता की गई है।

जबरन स्मार्ट मीटर लगाने का किया विरोध

हम सरकार से मांग करते हैं कि सरकार कम से कम 600 रुपए प्रति क्विंटल गन्ने के मूल्य की बढ़ोतरी करें और 21 अक्टूबर को भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत बिजनौर आ रहे हैं। सरकार हर साल किसानों के साथ इस तरह से ही करती है। गन्ना फैक्ट्री चलने को है और अभी तक गन्ने का मूल्य नहीं बढ़ाया गया है। बिजली विभाग के अधिकारी स्मार्ट मीटर लगाने के नाम पर किसान और लोगों को ठग रहे हैं। किसान यूनियन इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। लोग लगातार स्मार्ट मीटर का विरोध कर रहे हैं, फिर भी बिजली विभाग के कर्मचारी अधिकारी लोगों के घरों पर जबरदस्ती स्मार्ट मीटर लगाने का काम कर रहे हैं। 

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