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राम मंदिर ट्रस्ट पर जांच की मांग, SC पहुंचा मामला

राम मंदिर ट्रस्ट की वित्तीय जांच की मांग पहुंची सुप्रीम कोर्ट, CBI-SIT जांच की उठी मांग

अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक नई याचिका दायर की गई है।

राम मंदिर ट्रस्ट की वित्तीय जांच की मांग पहुंची सुप्रीम कोर्ट cbi-sit जांच की उठी मांग

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नई दिल्ली। अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक नई याचिका दायर की गई है। याचिका में अदालत की निगरानी में जांच कराने की मांग की गई है।

CBI के तहत SIT गठित करने की मांग

याचिका में एफआईआर दर्ज कर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के तहत विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग की गई है। इसमें ट्रस्ट के कामकाज, कथित गुमशुदा धनराशि, वित्तीय अनियमितताओं, कुप्रबंधन और अन्य आरोपों की जांच की मांग की गई है।

रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की अपील

अधिवक्ता अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव द्वारा दायर याचिका में ट्रस्ट और उत्तर प्रदेश सरकार को दान रजिस्टर, ऑडिट रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज, बैंक रिकॉर्ड तथा अन्य वित्तीय दस्तावेज सुरक्षित रखने का निर्देश देने की मांग की गई है।

सबूतों से छेड़छाड़ रोकने की मांग

याचिका में यह भी मांग की गई है कि मामले से जुड़े किसी भी दस्तावेज, संपत्ति, निधि या इलेक्ट्रॉनिक डेटा को नष्ट करने, बदलने या स्थानांतरित करने से रोका जाए, ताकि जांच प्रभावित न हो।

श्रद्धालुओं के विश्वास का मुद्दा

याचिकाकर्ताओं ने कहा है कि ट्रस्ट द्वारा धन और संपत्तियों का अपारदर्शी प्रबंधन लाखों श्रद्धालुओं और दानदाताओं की आस्था और विश्वास को प्रभावित कर सकता है। इसलिए प्रभावी निगरानी और ऑडिट व्यवस्था जरूरी है।

राज्य सरकार की SIT पर भी सवाल

याचिका में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित SIT की कार्यप्रणाली और अधिकार क्षेत्र पर भी सवाल उठाए गए हैं। इसमें कहा गया है कि बिना एफआईआर दर्ज किए जांच शुरू होने से भविष्य में कानूनी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग

याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट से मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि ट्रस्ट के प्रशासन और प्रबंधन में जनता का विश्वास बनाए रखने तथा संस्थागत पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

सबूत सुरक्षित रखने पर जोर

याचिका में कहा गया है कि किसी भी आपराधिक जांच के शुरुआती चरण में सबूत सुरक्षित रखना बेहद महत्वपूर्ण होता है। देरी होने पर महत्वपूर्ण साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की आशंका बढ़ सकती है।

पहले भी भेजी गई थी पत्र याचिका

इससे पहले भी एक वकील द्वारा श्री राम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं के दान और चढ़ावे के कथित दुरुपयोग तथा अनियमितताओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट को पत्र याचिका भेजी गई थी।

(एएनआई)

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