NEET-UG पेपर लीक विवाद के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर समर्थकों ने किया जोरदार स्वागत। जानिए क्या है पूरा मामला।
भुवनेश्वर (ओडिशा)। पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री और बीजेपी सांसद धर्मेंद्र प्रधान के मंगलवार को भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर पहुंचने पर बड़ी संख्या में लोगों ने स्वागत किया। प्रधान ने 25 जुलाई को NEET-UG 2026 परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक विवाद को लेकर देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया था।
युवाओं के भविष्य को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
प्रधान ने कहा कि वे छात्रों के व्यापक हित में यह कदम उठा रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि देश के युवा भ्रम के जाल में न फंसें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे अपने इस्तीफा पत्र में, प्रधान ने शिक्षा के क्षेत्र से अपने लंबे जुड़ाव का जिक्र किया और देश के युवाओं की आकांक्षाओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
शिक्षा सुधार के प्रति चार दशक की प्रतिबद्धता का किया उल्लेख
प्रधान ने कहा, "चार दशकों से अधिक समय से मैं छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा सुधार के कार्यों से जुड़ा रहा हूं। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि एक मजबूत, समावेशी और भविष्योन्मुखी शिक्षा प्रणाली ही एक मज़बूत राष्ट्र की नींव होती है।" NEET-UG विवाद को याद करते हुए, प्रधान ने कहा कि 3 मई की परीक्षा में अनियमितताएं सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने तुरंत कार्रवाई की।
प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्रालय की टीम का जताया आभार
उन्होंने कहा, "हालांकि, 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में अनियमितताएं पाई गईं। भारत सरकार ने तुरंत इस मामले का संज्ञान लिया, जांच CBI को सौंपी, परीक्षा रद्द कर दी और दोबारा परीक्षा की तारीख की घोषणा की। इसके साथ ही, यह भी तय किया गया कि अगले साल से परीक्षा कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी।" प्रधान ने शिक्षा मंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया और अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों, मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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