मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने प्रदेश के बासमती धान उत्पादक किसानों के मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है।
भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने प्रदेश के बासमती धान उत्पादक किसानों के मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने मध्यप्रदेश के 14 जिलों में उगाए जाने वाले बासमती चावल को जीआई (Geographical Indication) टैग देने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि किसानों को न्याय नहीं मिला तो वे अनशन पर बैठने को मजबूर होंगे।
किसानों को नहीं मिला उत्पाद का मूल्य
दिग्विजय सिंह ने अपने पत्र में कहा कि मध्यप्रदेश में उगाए जाने वाले बासमती धान को एपीडा (APEDA) द्वारा अभी तक जीआई टैग नहीं दिया गया है। इसके कारण प्रदेश के किसानों को अपने उत्पाद का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर उत्तर प्रदेश के बासमती किसानों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे मध्यप्रदेश के किसानों के साथ भेदभाव हो रहा है।
मध्यप्रदेश के 14 जिलों के किसानों का मामला
उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश के करीब 14 जिलों में बड़ी मात्रा में बासमती धान की खेती होती है। लेकिन जीआई टैग न होने के कारण इन किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान और बेहतर कीमत नहीं मिल पा रही है। दिग्विजय सिंह ने पत्र में कहा कि यदि जल्द ही मध्यप्रदेश के बासमती चावल को जीआई टैग देने की दिशा में कदम नहीं उठाए गए, तो वे किसानों के हित में अनशन करेंगे। यह मुद्दा अब राजनीतिक और कृषि दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि इससे प्रदेश के हजारों किसानों की आय प्रभावित हो सकती है।
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