उधार के पैसे को लेकर उपजे विवाद में रिश्तेदार के नाबालिग बेटे को अगवा कर उसके पिता से पांच हजार रुपये की फिरौती मांगी गई। आरोप है कि रकम नहीं देने पर बच्चे को जान से मारने की धमकी भी दी गई।
उमरिया (मध्य प्रदेश): महज एक हजार रुपये के पुराने उधार को लेकर शुरू हुआ विवाद उस समय सनसनीखेज घटनाक्रम में बदल गया, जब एक युवक ने कथित तौर पर अपने ही रिश्तेदार के नाबालिग बेटे को अपने साथ ले जाकर उसके पिता से पांच हजार रुपये की मांग कर दी। आरोप है कि रकम नहीं देने पर बच्चे को जान से मारने की धमकी भी दी गई।
पुलिस ने नाबालिग को सकुशल बरामद किया
घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में हड़कंप मच गया। हालांकि, घुंघुटी पुलिस की तत्परता और तेज कार्रवाई के चलते कुछ ही घंटों में नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया गया और आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया गया।
एक साल से पैसों के लेन-देन को चल रहा था विवाद
जानकारी के अनुसार, कोतवाली क्षेत्र निवासी हरिओम अगरिया और उसके रिश्तेदार के बीच पिछले लगभग एक वर्ष से पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। बताया जाता है कि पीड़ित पक्ष ने आरोपी को एक हजार रुपये उधार दिए थे। कई बार मांगने के बावजूद रुपये वापस नहीं मिलने पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और विवाद की स्थिति बनी रहती थी। धीरे-धीरे यह मामूली आर्थिक विवाद रिश्तों में कड़वाहट का कारण बन गया।
नाबालिग लड़के को बहला-फुसला कर साथ ले गया रिश्तेदार
परिजनों के मुताबिक, 8 जून को आरोपी हरिओम अगरिया ने अपने रिश्तेदार के नाबालिग बेटे को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले आया। शुरुआत में परिवार को लगा कि बच्चा किसी परिचित या रिश्तेदार के यहां चला गया होगा, लेकिन काफी देर तक उसके घर नहीं लौटने पर चिंता बढ़ गई। परिजनों ने आसपास के गांवों, रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क कर उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कहीं कोई जानकारी नहीं मिल सकी।
फिरौती में मांगे 5,000 रुपये, जान से मारने की दी धमकी
इसी बीच, परिजनों के पास एक फोन कॉल आया, जिसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया। आरोप है कि फोन करने वाले ने बच्चे को अपने कब्जे में होने की बात कही और उसे छोड़ने के एवज में पांच हजार रुपये की मांग की। इतना ही नहीं, रकम नहीं देने पर बच्चे को नुकसान पहुंचाने और जान से मारने की धमकी भी दी गई। यह सुनते ही परिवार के लोगों के होश उड़ गए और घर में अफरातफरी का माहौल बन गया।
परिजनों ने पुलिस को दी सूचना
बेटे की सुरक्षा को लेकर चिंतित परिजन 10 जून को घुंघुटी चौकी पहुंचे और चौकी प्रभारी विजय सेन को पूरी घटना की जानकारी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बिना समय गंवाए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। चौकी प्रभारी के निर्देशन में पुलिस टीम गठित की गई और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई जाने लगी।
लगातार खोजबीन और दबिश से पुलिस को मिली सुरक्षा
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल फोन की जानकारी और स्थानीय मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी की तलाश तेज कर दी। लगातार की गई खोजबीन और दबिश के बाद पुलिस को सफलता मिली और कुछ ही घंटों में नाबालिग बालक को करकेली क्षेत्र से सकुशल बरामद कर लिया गया। बच्चे के सुरक्षित मिलने की खबर से परिजनों ने राहत की सांस ली।
पुलिस ने हिरासत में लेकर आरोपी को कोर्ट में पेश किया
इसके बाद पुलिस ने आरोपी हरिओम अगरिया को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जांच के दौरान मिले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर उसके खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया।
जांच में जुटी पुलिस
पाली इसडीओपी शिव चरण बोहित ने बताया कि आरोपी और पीड़ित परिवार आपस में रिश्तेदार हैं। आरोपी नाबालिग की बुआ का लड़का बताया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में पैसों के पुराने विवाद को घटना की मुख्य वजह माना जा रहा है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।