बलिया की सात वर्षीय रागिनी को डीएम ने किताबें और दो ट्राईसाइकिल दीं। पढ़ाई में मदद का भरोसा देते हुए मेडिकल जांच के भी निर्देश भी दिए।
बलिया: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के मनियर ब्लॉक के दिघेड़ा ग्रामसभा के रानीपुर गांव की सात वर्षीय रागिनी इन दिनों एक पैर से जिंदगी की मुश्किलों का सामना कर रही है। शारीरिक परेशानी के बावजूद उसके मन में पढ़ने और स्कूल जाने का जज्बा है। रागिनी प्राथमिक विद्यालय दिघेड़ा में कक्षा एक की छात्रा है। सोशल मीडिया पर रागिनी का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें रागिनी ने डीएम से ट्राइसाइकिल की मांग की। डीएम साहब बच्ची के पास पहुंचते, उससे पहले आम आदमी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल आप के प्रवक्ता सर्वेश मिश्रा के निर्देश पर रागिनी के गांव पहुंच गया और बच्ची को ट्राईसाइकिल और 25 हजार रुपये नगद देकर मदद का हाथ बढ़ाया।
जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लिया
फिर क्या था, देर ही सही बच्ची की स्थिति की जानकारी होने पर जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उसके गांव पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और उसकी समस्याओं की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने रागिनी की मां बबीता देवी और उसके दादा जी से बातचीत कर बच्ची की स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने रागिनी से भी आत्मीयता से बातचीत की और उसकी जरूरतों व पढ़ाई के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
रागिनी को किताबें व दो ट्राईसाइकिल मिलीं
जिलाधिकारी ने बच्ची को अपने हाथों से पढ़ाई के लिए किताबें और अन्य आवश्यक सामग्री प्रदान की। रागिनी के स्कूल आने-जाने में परेशानी को देखते हुए जिलाधिकारी ने उसे दो ट्राईसाइकिल भी उपलब्ध कराई। इससे बच्ची को विद्यालय आने-जाने में काफी सहूलियत मिलने की उम्मीद है। इस दौरान जिलाधिकारी ने रागिनी की मां बबीता देवी को बताया कि परिवार में शौचालय निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत हो चुकी है। उन्होंने आश्वस्त किया कि रागिनी की पढ़ाई में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी। सरकार की ओर से उपलब्ध सभी जरूरी सुविधाएं और हर संभव सहायता बच्ची को दिलाई जाएगी। जिलाधिकारी ने रागिनी की मेडिकल जांच कराने के भी निर्देश दिए।
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