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राधाकृष्णन ने अपनी गिरफ्तारी के बाद कही बड़ी बात

'मुझे घोड़ों का नहीं, ऊंटों का सौदा पेश किया गया' राधाकृष्णन ने क्यों कही ये बात

Political News: डीएमके के वरिष्ठ विधायक अनीता आर राधाकृष्णन की गिरफ्तारी के बाद तमिलनाडु का राजनीतिक परिदृश्य उथल-पुथल में डूब गया है.

मुझे घोड़ों का नहीं ऊंटों का सौदा पेश किया गया राधाकृष्णन ने क्यों कही ये बात

Radha Krishanan |

चेन्नई (तमिलनाडु): डीएमके के वरिष्ठ विधायक अनीता आर राधाकृष्णन की गिरफ्तारी के बाद तमिलनाडु का राजनीतिक परिदृश्य उथल-पुथल में डूब गया है. राधाकृष्णन ने अपनी गिरफ्तारी का इस्तेमाल नवगठित तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) के सदस्यों पर राजनीतिक दबाव के सनसनीखेज आरोप लगाने के लिए किया. राधाकृष्णन को शनिवार को अथूर पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले के सिलसिले में हिरासत में लिया गया था. गिरफ्तारी के तुरंत बाद उन्होंने मीडिया को संबोधित किया. उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई विधानसभा से उनके इस्तीफे के लिए दबाव बनाने और उन्हें टीवीके में शामिल होने के लिए लुभाने के एक सुनियोजित अभियान का हिस्सा है.

डीएमके ने पूर्ण समर्थन का वादा किया

उन्होंने अपने प्रति किए गए प्रस्तावों को पारंपरिक राजनीतिक दांव-पेच से कहीं अधिक आक्रामक बताते हुए कहा, "मुझे घोड़ों का सौदा नहीं, ऊंटों का सौदा पेश किया गया था. ऐसा कभी नहीं होगा. राधाकृष्णन ने जोर देते हुए कहा कि डीएमके छोड़ने पर उन्हें पूर्ण समर्थन का वादा किया गया था. इन प्रयासों को खारिज करते हुए उन्होंने पार्टी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के प्रति अपनी निष्ठा दोहराई. “मैं डीएमके में बना रहूंगा, और पार्टी छोड़ने का तो सवाल ही नहीं उठता... मैं कभी दबाव के आगे नहीं झुकूंगा,” उन्होंने घोषणा करते हुए जोर दिया कि उनका राजनीतिक करियर दशकों की पार्टी सेवा पर आधारित है, न कि वित्तीय लाभ पर.

विधायक राधाकृष्णन ने लगाया गंभीर आरोप

बता दें, विधायक राधाकृष्णन पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 352 और 353(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है. राधाकृष्णन ने आरोप लगाया कि उन्होंने धारा 41ए के नोटिस का पालन किया है. इसके साथ ही कहा कि उन्होंने 10 जुलाई को पुलिस के सामने पेश होने के बारे में पहले ही बता दिया था. इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों ने उन्हें डराने-धमकाने की रणनीति बनाकर उनकी तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित कर इस प्रक्रिया को नजरअंदाज कर दिया.

मैं उनसे अनुरोध करता हूं कि...

इस गिरफ्तारी ने राज्य के राजनीतिक हलकों में वाकयुद्ध छेड़ दिया है. कांग्रेस नेता मणिक्कम टैगोर ने भी इस विवाद पर अपनी राय देते हुए कहा कि यह घटना राजनीतिक चर्चा के लिए एक सबक होनी चाहिए. टैगोर ने टिप्पणी की, “राजनीतिक नेतृत्व पर हमले करते समय और बोलते समय कुछ शालीनता होनी चाहिए. हालात तब और भी अजीब हो गए जब राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को उनके हालिया आचरण को लेकर कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा. राज्यपाल की स्थानीय राजनीति में कथित संलिप्तता पर चर्चा करते हुए, पर्यवेक्षकों ने स्कूलों और कॉलेजों में उनकी गतिविधियों पर चिंता व्यक्त की, एक अधिकारी ने कहा, "अगर आप गोवा जैसी राजनीति करना चाहते हैं, तो वहीं वापस चले जाइए... मैं उनसे अनुरोध करता हूं कि वे अपनी सीमा का उल्लंघन न करें."

राधाकृष्णन ने मौजूदा प्रशासन की प्राथमिकताओं पर तीखा हमला बोला

तत्काल कानूनी आरोपों के अलावा, राधाकृष्णन ने मौजूदा प्रशासन की प्राथमिकताओं पर तीखा हमला किया. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उनके श्रीवैकुंठम निर्वाचन क्षेत्र में अवैध लॉटरी बिक्री, गांजा तस्करी और बढ़ते अपराध जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों की अनदेखी कर रही है, जबकि उसका पूरा ध्यान आक्रामक राजनीतिक सत्ता बनाए रखने पर केंद्रित है.

विधायक के खिलाफ कानूनी कार्यवाही आगे बढ़ने के साथ ही, इस घटना ने सत्ताधारी दल और टीवीके के बढ़ते प्रभाव के बीच गहरी दरार को उजागर कर दिया है, जिससे तमिलनाडु में एक अस्थिर राजनीतिक माहौल की नींव रखी जा रही है. 

(एएनआई)

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