लखनऊ में प्रांतीय शिक्षक गरिमा सम्मेलन में डॉ. राजेश्वर सिंह शामिल हुए। भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 10 विद्यालयों के प्रबंधक सम्मानित हुए।
Dr. Rajeshwar Singh Attends Provincial Teachers’ Dignity Conference |
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। लखनऊ में 04 अक्टूबर 2026 को डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रेक्षागृह में अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा प्रांतीय शिक्षक गरिमा सम्मेलन आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित सम्मेलन में डॉ. राजेश्वर सिंह ने प्रदेशभर से आए शिक्षकों के साथ सहभागिता की। कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। इसके बाद गायत्री मंत्रों के पवित्र उच्चारण के साथ सम्मेलन का आयोजन हुआ।

भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में 10 विद्यालय सम्मानित
सम्मेलन में भारतीय संस्कृति, शिक्षा और संस्कारों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण को समर्पित प्रयासों को रेखांकित किया गया। भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन एवं उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक छात्र सहभागिता वाले 10 विद्यालयों के प्रबंधकों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर परीक्षा से संबंधित स्मारिका का भी विमोचन हुआ। आयोजन में शिक्षा, संस्कार और भारतीय संस्कृति को नई पीढ़ी से जोड़ने के संकल्प पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री योगी ने संस्कार और भारतीय परिवार व्यवस्था की महत्ता बताई
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिल विश्व गायत्री परिवार की दीर्घकालीन सामाजिक भूमिका और परम पूज्य पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने भारतीय परिवार व्यवस्था में निहित मूल्यों और संस्कारों की महत्ता पर भी प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री ने विचार आधारित संगठनों की स्थायी शक्ति और समाज में संस्कारों के महत्व की चर्चा की। सरोजनीनगर में शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना को डॉ. राजेश्वर सिंह ने प्रेरणादायी बताया।

शिक्षा और संस्कार के जरिए राष्ट्र निर्माण पर जोर
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि अखिल विश्व गायत्री परिवार ने पिछले 100 वर्षों में यज्ञ की वेदी के माध्यम से समाज की चेतना को जागृत करने, भारतीय संस्कृति और जीवन-मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने तथा संस्कारवान समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने शिक्षा, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की दिशा में परिवार के निरंतर योगदान को प्रेरणादायी बताया।
सरोजनीनगर में 18 डिजिटल शिक्षा एवं युवा सशक्तिकरण केंद्र
सरोजनीनगर के विकास की आधारशिला शिक्षा और युवा सशक्तिकरण को बनाते हुए रण बहादुर सिंह (RBS) डिजिटल शिक्षा एवं युवा सशक्तिकरण केन्द्रों की पहल अब 18 केन्द्रों तक पहुंच चुकी है। क्षेत्र में 80 से अधिक स्मार्ट क्लास एवं डिजिटल लाइब्रेरी तथा 350 से अधिक कंप्यूटर उपलब्ध कराए गए हैं। वहीं, 2,000 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप, टैबलेट एवं साइकिल जैसे शैक्षणिक संसाधनों से प्रोत्साहित किया गया है। ‘आपका विधायक आपके द्वार’ कार्यक्रम में भी मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित किया जाता है।

डॉ. चिन्मय पांड्या ने शिक्षकों को बताया युग निर्माण की कड़ी
अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधि एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय, गायत्रीकुंज-शांतिकुंज, हरिद्वार के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पांड्या ने शिक्षकों को युग निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि संस्कार, चरित्र, संवेदना और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी से युक्त व्यक्तित्व का निर्माण करना है। उन्होंने “सद्ज्ञान, सद्भाव और सद्कर्म” को जीवन का आधार बताते हुए कहा—“अध्यापक हैं युग के निर्माता, छात्र हैं राष्ट्र के भाग्य विधाता।”
शिक्षक सम्मान को ज्ञान परंपरा का सम्मान बताया
डॉ. राजेश्वर सिंह ने प्रदेश के गुरुजनों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा, “आपके कारण राष्ट्र आज उन्नति कर रहा है। हजारों वर्षों से आपने ज्ञान का दीपक जलाकर हिंदुस्तान को एक ज्ञान की शक्ति के रूप में पूरे विश्व में स्थापित कर रखा है।” उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान का संचार करने वाले नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर संस्कार, चरित्र, अनुशासन, संवेदना और राष्ट्रभाव का निर्माण करने वाले मार्गदर्शक हैं। उन्होंने शिक्षक सम्मान को उस ज्ञान परंपरा का सम्मान बताया जो पीढ़ियों को जोड़कर राष्ट्र के भविष्य को मजबूत करती है।

इन 10 विद्यालयों के प्रबंधक हुए सम्मानित
भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन एवं सर्वाधिक छात्र सहभागिता के लिए रमेश बालिका इंटर कॉलेज, सीतापुर; चंद्रेश्वर एम. पब्लिक स्कूल, रायबरेली; लखनऊ पब्लिक स्कूल; डॉ. हैमन मोदी विज्ञान एवं वाणिज्य इंटर कॉलेज, आजमगढ़; शिव प्रतिष्ठा इंटर कॉलेज, अमेठी; अमर सिंह इंटर कॉलेज, बुलंदशहर; चित्रकूट इंटर कॉलेज; अयोध्या रामानन्द लाल कॉलेज, सीतापुर; एम. आर. बालिका इंटर कॉलेज, मुजफ्फरनगर तथा सिटी मॉन्टेसरी स्कूल, लखनऊ के प्रबंधकों को सम्मानित किया गया।
कई गणमान्यजन और शिक्षक रहे मौजूद
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, केंद्रीय जोन प्रभारी (उत्तर जोन) परमानन्द द्विवेदी एवं समन्वयक, भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा रामयश तिवारी सहित अनेक गणमान्यजन और प्रदेशभर से आए शिक्षकगण उपस्थित रहे। आयोजन के दौरान शिक्षा, संस्कार, भारतीय संस्कृति और राष्ट्र निर्माण के प्रति योगदान को रेखांकित किया गया।
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