राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने नागपुर के रेशिमबाग मैदान में वार्षिक विजयदशमी समारोह आयोजित किया। सरसंघचालक मोहन भागवत ने शस्त्र पूजा कर संस्थापक डॉ. केशव हेडगेवार को श्रद्धांजलि दी।
नागपुर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने मंगलवार को नागपुर के रेशिमबाग मैदान में अपने शताब्दी समारोह के समापन वर्ष के उपलक्ष्य में वार्षिक विजयदशमी समारोह का आयोजन किया। समारोह के अंतर्गत आरएसएस सरसंघचालक मोहन भगवत ने रेशिमबाग मैदान में शस्त्र पूजा की और आरएसएस के संस्थापक केशव हेडगेवार को पुष्पांजलि अर्पित की। भगवत कार्यक्रम में मुख्य भाषण देंगे। पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और पश्चिमी भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए मुंबई में इजरायल के महावाणिज्यदूत भी अतिथियों में शामिल हैं। दैनिक जागरण के प्रधान संपादक संजय गुप्ता को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।
1925 में विजयदशमी पर हुई थी RSS की स्थापना
आरएसएस की स्थापना नागपुर में इसके पहले सरसंघचालक केशव हेडगेवार ने 1925 में विजयदशमी के अवसर पर की थी। संगठन अपनी स्थापना के बाद से हर साल इस त्योहार को मनाता आ रहा है। आरएसएस राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के लिए जन-प्रेरित एक अनूठा आंदोलन है। इसका उदय सदियों के विदेशी शासन के प्रति प्रतिक्रिया के रूप में देखा जाता है। इसकी निरंतर वृद्धि का श्रेय धर्म में निहित भारत की राष्ट्रीय गौरव की दृष्टि की भावनात्मक गूंज को दिया जाता है। संघ का मुख्य जोर देशभक्ति और राष्ट्रीय चरित्र निर्माण पर है। यह मातृभूमि के प्रति निष्ठा, अनुशासन, आत्मसंयम, साहस और वीरता का संचार करने का प्रयास करता है।
RSS ने सेवा कार्यों में निभाई भूमिका
संघ का अंतिम लक्ष्य भारत का सर्वांगीण विकास है, जिसके लिए प्रत्येक स्वयंसेवक स्वयं को समर्पित करता है। पिछले एक शताब्दी में आरएसएस ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक कल्याण और आपदा राहत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आरएसएस के स्वयंसेवकों ने बाढ़, भूकंप और चक्रवात सहित प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत और पुनर्वास प्रयासों में सक्रिय रूप से भाग लिया है। इसके अतिरिक्त, आरएसएस से संबद्ध विभिन्न संगठनों ने युवाओं, महिलाओं और किसानों को सशक्त बनाने, जनभागीदारी को बढ़ावा देने और स्थानीय समुदायों को मजबूत करने में योगदान दिया है।
(इनपुट: ANI)
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