वृंदावन में इन दिनों ई-रिक्शा चालकों पर चालानी कार्रवाई बहुत ज्यादा हो रही है। इसके साथ ही रूट व्यवस्था लागू कर दी गई, जिसके विरोध में रविवार को ई-रिक्शा चालकों ने प्रदर्शन किया।
वृंदावन: शहर में ई-रिक्शा चालकों पर हो रही चालानी कार्रवाई और लागू रूट व्यवस्था के विरोध में रविवार को रुक्मिणी बिहार मुख्य गेट पर ई-रिक्शा व ऑटो चालकों ने प्रदर्शन किया। चालकों ने भारी-भरकम चालान वापस लेने, पुराने चालान निरस्त करने और रूट नंबर व्यवस्था समाप्त करने की मांग उठाते हुए प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
गरीब चालकों के सामने खड़ा हुआ रोजी-रोटी का संकट
ई-रिक्शा एवं ऑटो चालक यूनियन के जिलाध्यक्ष राजकुमार कुशवाह ने कहा कि प्रशासन द्वारा ई-रिक्शा चालकों के 20-20 हजार रुपये तक के चालान किए जा रहे हैं, जिससे गरीब चालकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने मांग की है कि भविष्य में इस तरह की कार्रवाई रोकी जाए और पहले से किए गए चालान भी निरस्त किए जाएं।
ई-रिक्शा चालकों को करना पड़ रहा परेशानियों का सामना
चालकों का कहना है कि शहर में लागू रूट नंबर व्यवस्था के कारण श्रद्धालुओं को उनकी इच्छानुसार विभिन्न धार्मिक स्थलों तक ले जाना संभव नहीं हो पा रहा है। कई श्रद्धालु पूरा ई-रिक्शा बुक करते हैं, लेकिन रूट की पाबंदियों के चलते उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है, जिससे उनकी आय भी प्रभावित हो रही है।
इसके लिए संबंधित विभाग है जिम्मेदार
यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि शहर में ई-रिक्शाओं की बढ़ती संख्या के लिए चालक नहीं, बल्कि संबंधित विभाग जिम्मेदार है। उन्होंने प्रशासन से अवैध रूप से संचालित ई-रिक्शाओं के खिलाफ कार्रवाई करने, लेकिन वैध रूप से परिवार का पालन-पोषण कर रहे चालकों को अनावश्यक परेशान नहीं करने की मांग की।
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