ग्रेटर नोएडा में 25 से 29 सितंबर तक होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में गोरखपुर मंडल के पारंपरिक व्यंजनों के स्टाल लगेंगे। इससे पूर्वांचल के खानपान को ग्लोबल पहचान मिलेगी।
East UP traditional delicacies to get global identity at UPITS Greater Noida (File Photo) |
गोरखपुर (उत्तर प्रदेश)। पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मंडल की माटी की सोंधी सुगंध और देसी पारंपरिक लजीज पकवान अब ग्लोबल पहचान हासिल करने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी 'एक जनपद एक व्यंजन' (ओडीओसी) योजना के प्रोत्साहन से ये पकवान अंतरराष्ट्रीय पटल पर दुनिया भर के खरीदारों और पर्यटकों की जुबान पर छाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आगामी 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित ‘यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो’ (यूपीआईटीएस) में इस बार गोरखपुर मंडल के पारंपरिक व्यंजनों का खास जलवा देखने को मिलेगा। इस आयोजन के तहत गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज के विशिष्ट व्यंजनों के विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे।
फूड टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए विशेष क्लस्टर और स्टाल
देश-विदेश से आने वाले लाखों आगंतुक और कारोबारी अब ट्रेड शो के माध्यम से पूर्वांचल के पारंपरिक भोजन और मिठाइयों का स्वाद चख सकेंगे। उद्योग विभाग के संयुक्त आयुक्त गौरव मिश्रा के अनुसार, ट्रेड शो के फूड कोर्ट में गोरखपुर मंडल के चुनिंदा व्यंजनों के लिए अलग से विशेष क्लस्टर और स्टाल तैयार किए जा रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय खानपान संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाना, पारंपरिक कारीगरों को एक बड़ा बाजार उपलब्ध कराना और प्रदेश में 'फूड टूरिज्म' को तेजी से गति देना है। यूपीआईटीएस के लिए गोरखपुर से लिट्टी चोखा व लहसुन वाले छोले समोसे, महराजगंज से रामकटोरी, कुशीनगर से लाल पेड़ा, छेना का खुरमा व केले के चिप्स और देवरिया से लिट्टी चोखा व मालपुआ का चयन किया गया है।
पारंपरिक अंदाज में परोसे जाएंगे पूर्वांचल के प्रसिद्ध पकवान
चयनित व्यंजनों की विशेषता के तहत सत्तू, अजवाइन, मंगरैल और शुद्ध सरसों के तेल में सने मसालों के साथ कंडे की आंच पर पकी और देसी घी में चुपड़ी लिट्टी और बैंगन-टमाटर व आलू का भुना चोखा पूर्वांचल की विशिष्ट पहचान के रूप में परोसा जाएगा। वहीं, गोरखपुर का लहसुन वाला छोला समोसा अपने विशिष्ट जायके से देश-विदेश के मेहमानों को आकर्षित करेगा। इसके अलावा कुशीनगर जिले का पेड़ा, छेना से बनने वाला खुरमा तथा महराजगंज के मिठौरा बाजार की प्रसिद्ध रामकटोरी की मिठास भी ट्रेड शो में अपनी गहरी छाप छोड़ने को पूरी तरह तैयार है।
कारोबारियों और स्थानीय हुनरमंदों की आर्थिकी को मिलेगी मजबूती
इस ऐतिहासिक पहल पर प्रतिक्रिया देते हुए स्टाल लगाने वाले कारोबारियों ने सरकार के प्रति आभार जताया है। लिट्टी चोखा के लिए चयनित गोरखपुर के गंगाधर दूबे और लहसुन वाले छोला समोसा के लिए चयनित चौरीचौरा के चंद्रकेश प्रजापति का मानना है कि इस मंच से न केवल पूर्वी उत्तर प्रदेश की खानपान संस्कृति को नई प्रतिष्ठा मिलेगी, बल्कि खानपान के कारोबार से जुड़े ग्रामीण और कस्बाई हुनरमंदों की आर्थिकी भी काफी मजबूत होगी। ट्रेड शो में गोरखपुर मंडल से कुल छह कारोबारियों का चयन किया गया है, जो अपने पारंपरिक उत्पादों के साथ इस वैश्विक मंच पर शिरकत करेंगे।
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