चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के उन इलाकों के थानों के अधिकारियों के खिलाफ सख्ती बरतना शुरू कर दिया है जिन इलाकों में कानून व्यवस्था बनाए रखने में किसी भी तरह की कोताही की जा रही है।
कोलकाता। चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के उन इलाकों के थानों के अधिकारियों के खिलाफ सख्ती बरतना शुरू कर दिया है जिन इलाकों में कानून व्यवस्था बनाए रखने में किसी भी तरह की कोताही की जा रही है। उसने दक्षिण चौबीस परगना जिले के बासंती थाने के आईसी (प्रभारी) को निलंबित कर दिया है।
बासंती हिंसा और सुरक्षा में बड़ी चूक
चुनाव आयोग ने बांसती की घटना को गंभीरता से लिया है। बासंती में भाजपा और टीएमसी के कार्यकर्ताओं में मारपीट हुई थी और दोनों पार्टियो के कार्यकर्ता घायल हुए थे। उन पर काबू पाने गई पुलिस के अधिकारियों और कंस्टेबलों पर भी हमले हुए थे। मौके पर पर्याप्त पुलिस बल और केंद्रीय बल मौजूद नहीं हो पाए थे।
थानों के लिए नई गाइडलाइन और सख्त चेतावनी
सुत्रों के अनुसार चुनाव आयोग ने राज्य के हर थाने में निर्देशिका भेजा है और थाने के अधिकारियों को उसके पालन के लिए सख्त चेतावनी भी दी है। उस निर्देशिका के अनुसार थाने के अधिकारियों को उम्मीदवारों की चुनाव आयोग द्वारा ऑबर्जरों समेत चुनाव कार्य के लिए तैनात अधिकारियों-कर्मचारियों की सुरक्षा निश्चित करनी होगी। इलाके के तमाम अपराधियों की सूची बनाना और उन पर नजर रखना होगा। गैरजमानती अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी। होटलों की निगरानी रखनी होगी।
डीएसपी और एसडीपीओ की जवाबदेही तय
बांग्लादेश की सीमा समेत राज्यों की सीमा पर चौबीसों घंटे नाकेबंदी और तलाशी लेनी होगी। किसी जगह राजनीतिक पार्टियों के कार्यरकर्ताओं के बीच संघर्ष को रोकने और असामान्य स्थिति पैदा करने वालों के खिलाफ सख्ता कार्रवाई करनी होगी। चुनाव आयोग ने राज्य के सभी डीएसपी और एसडीपीओ को भी निर्देशिका भेज दिया है। उन्हें चौकस रहने के लिए कहा गया है। चुनाव आयोग उन्हें भी चेताया है कि उसके निर्देश की अवहेलना होने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
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