कोलकाता। चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दौरान केंद्रीय बलों की गतिविधियों पर नजर रखेगा। इसके इसके लिए हर जवानों पर जीपीएस लगाया जाएगा।
कोलकाता। चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दौरान केंद्रीय बलों की गतिविधियों पर नजर रखेगा। इसके इसके लिए हर जवानों पर जीपीएस लगाया जाएगा। इससे पता चलता रहेगा की वह कहां-कहां और कब-कब जा रहा है। सूत्रों के अनुसार पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनावों में राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों द्वारा केंद्रीय पुलिस बल का दुरूपयोग करने की शिकायत मिलती रही थी। इसके मद्देनजर चुनाव आयोग ने इस बार विधानसभा चुनाव में केंद्रीय बलों के दुरूपयोग को पूरी तरह से रोकने के लिए तमाम व्यवस्था करना चाहता है। फिलहाल केंद्रीय बलों के हरेक जवानों की गतिविधियों को जानते रहने के लिए जीपीएस का उपयोग का निर्णय लिया गया है। जीपीएस एक प्रकार का डिवाइस है जिससे स्थान का पता चलता रहेगा। केंद्रीय बल का जवान कहां-कहां जा रहा है, कहां कितने समय तक ठहरा, इसका पता चलता रहेगा।
मार्च से 480 कंपनियां तैनात
सूत्रों के अनुसार चुनाव आयोग के पास पहले से यह जानकारी रहेगी कि केंद्रीय बल के किस जवान को कहां-कहां तैनात किया जाएगा, कौन जवान बूथों पर रहेगा और कौन जवान सड़क पर गश्ती करेगा। केंद्रीय बलों के जवानों को राज्य के पुलिस अधिकारियों के अधीन रह कर कार्य करना होगा। राज्य पुलिस अधिकारी केंद्रीय बल के जवानों को कहां-कहां तैनात करेंगे, वे चुनाव आयोग के अधिकारियों को पहले से जानकारी दे रखेंगे। सूत्रों का कहना है कि चुनाव आयोग मार्च के शुरू से ही केंद्रीय बलों का उपयोग करेगा। उसे केंद्र सरकार की ओर से एक से 10 मार्च तक केंद्रीय बल के 480 कंपनियां मुहैया करा दी जाएंगी।
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