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ISIS भर्ती केस में ED की बड़ी कार्रवाई

ISIS भर्ती मामले में ED का बड़ा एक्शन, बेंगलुरु में 8 ठिकानों पर छापेमारी

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को ISIS भर्ती मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए बेंगलुरु में आठ स्थानों पर छापेमारी की।

isis भर्ती मामले में ed का बड़ा एक्शन बेंगलुरु में 8 ठिकानों पर छापेमारी

ED Searches 8 Spots Over ISIS Case |

नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को ISIS भर्ती मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए बेंगलुरु में आठ स्थानों पर छापेमारी की। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर की जा रही है।

NIA की FIR के आधार पर कार्रवाई

अधिकारियों ने बताया कि ईडी ने प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ECIR) दर्ज करने के बाद संदिग्धों से जुड़े परिसरों पर तलाशी अभियान शुरू किया। यह मामला कथित तौर पर ISIS भर्ती नेटवर्क से जुड़ा है, जिसमें इकरा वेलफेयर ट्रस्ट, गाइडेंस फॉर मैनकाइंड और बेंगलुरु के कुछ अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।

UAPA की धाराओं में दर्ज हुआ था मामला

NIA ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 17 (आतंकवाद के लिए धन जुटाना), धारा 18 (आतंकवादी गतिविधियों की तैयारी) और धारा 18बी (आतंकवाद के लिए भर्ती) के तहत मामला दर्ज किया था।

कई आरोपियों के खिलाफ दाखिल हो चुका है आरोपपत्र

इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था। बाद में NIA ने इरफान नासिर, अहमद अब्दुल कादर, मोहम्मद तौकीर महमूद, जुहाब हमीद शकील मन्ना और मोहम्मद शिहाब के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। आरोपपत्र के अनुसार, आरोपी प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन ISIS/ISIL/Daesh से जुड़े थे और उन्होंने बेंगलुरु के मुस्लिम युवाओं को कथित तौर पर कट्टरपंथी बनाकर संगठन में शामिल करने की साजिश रची।

'इकरा कैंप' और 'कुरान सर्कल' का इस्तेमाल करने का आरोप

जांच एजेंसियों का आरोप है कि 'इकरा कैंप' नामक व्यक्तित्व विकास कार्यशाला और 'कुरान सर्कल' नामक साप्ताहिक अध्ययन समूह के जरिए युवाओं की पहचान कर उन्हें कट्टरपंथी बनाया गया। साथ ही उनके लिए धन जुटाकर तुर्की के रास्ते सीरिया भेजने में भी मदद की गई।

सोशल मीडिया के जरिए विचारधारा फैलाने का आरोप

जांच में यह भी आरोप लगाया गया है कि समूह ने CAA/NRC विरोध प्रदर्शनों के दौरान उत्पन्न माहौल का फायदा उठाने और सुरक्षित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से ISIS की विचारधारा फैलाने की कोशिश की। एजेंसियों के अनुसार, मामले की जांच और तलाशी अभियान अभी जारी है।

(ANI)

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