प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को भारतमाला परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण के मुआवजे में कथित गड़बड़ियों की जांच के सिलसिले में छत्तीसगढ़ में 9 स्थानों पर तलाशी और जब्ती की कार्रवाई की है।
नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को भारतमाला परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण के मुआवजे में कथित गड़बड़ियों की जांच के सिलसिले में छत्तीसगढ़ में 9 स्थानों पर तलाशी और जब्ती की कार्रवाई की है। छापेमारी की कार्रवाई सोमवार सुबह से रायपुर और महासमुंद क्षेत्रों में राज्य पुलिस के साथ समन्वय में की जा रही है।
रायपुर–विशाखापत्तनम कॉरिडोर की भूमि मुआवजे में अनियमितताओं की जांच
अधिकारियों के अनुसार, ये तलाशी ED के रायपुर जोनल कार्यालय द्वारा भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर–विशाखापत्तनम आर्थिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण में मुआवजा भुगतान से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच के तहत की गई हैं। जांच में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के दौरान जमीन मालिकों को दिए गए मुआवजे के वितरण में संदिग्ध वित्तीय अनियमितताओं और कथित हेरफेर की बात सामने आई है।
हरमीत सिंह खनूजा, अधिकारियों और भूमि मालिकों के ठिकानों पर ED की तलाशी
तलाशी की कार्रवाई हरमीत सिंह खनूजा, उनके सहयोगियों, भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया से जुड़े कुछ सरकारी अधिकारियों और कई ऐसे भूमि मालिकों के ठिकानों पर की गई है, जो इस मामले में जांच के दायरे में हैं। एजेंसी यह जांच कर रही है कि क्या मुआवजे की राशि बढ़ा-चढ़ाकर दिखाई गई, उसका गलत इस्तेमाल किया गया या अवैध तरीकों से उसे कहीं और भेजा गया।
अधिकारियों ने बताया कि ED इस मामले की जांच धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत कर रही है। इसके लिए ऐसे इनपुट और सबूत मिले हैं, जिनसे मुआवजा प्रक्रिया में अपराध से अर्जित धन बनने की संभावना जताई गई है।
भारतमाला परियोजना का आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना, लॉजिस्टिक्स लागत कम करना उद्देश्य
गौरतलब है कि भारत माला परियोजना केंद्र सरकार की सबसे बड़ी राजमार्ग विकास योजनाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य सड़क संपर्क को बेहतर बनाना, लॉजिस्टिक्स लागत कम करना और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है। ऐसे बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण के लिए भारी सार्वजनिक धन खर्च होता है, इसलिए पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है।
बिचौलियों और पद के दुरुपयोग की भूमिका पर हो रही जांच
सूत्रों के अनुसार, जांच का फोकस बिचौलियों, लोक सेवकों और लाभार्थियों की भूमिका की पहचान करने पर है, जो कथित अनियमितताओं में शामिल हो सकते हैं। ED यह भी जांच कर रही है कि क्या अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग कर कुछ लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाया।
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