CMRL रिश्वत मामले में ED की बड़ी कार्रवाई। कोझिकोड में छापेमारी के दौरान सीएम विजयन की बेटी वीणा के हाथ से लिखे हिसाब-कीमत और करोड़ों के गुप्त लेन-देन के राज़ उजागर। पढ़ें पूरी खबर।
कोच्चि (केरल)। प्रवर्तन निदेशालय (ED), कोच्चि जोन ने 18 अगस्त को कोझिकोड में 9 जगहों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई M/s कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) द्वारा किए गए कॉर्पोरेट फ्रॉड और रिश्वत के भुगतान के मामले में 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (PMLA), 2002 के तहत की गई।
CMRL पर ₹182 करोड़ के फर्जी खर्च का आरोप
एक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, ED ने कॉर्पोरेट फ्रॉड और रिश्वत के भुगतान के लिए 'सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस' (SFIO) द्वारा शुरू की गई जांच के आधार पर PMLA के तहत जांच शुरू की थी। SFIO ने कॉर्पोरेट फ्रॉड के लिए 3 अप्रैल, 2015 को अभियोजन शिकायत (prosecution complaint) दर्ज की थी। SFIO की जांच से पता चला कि CMRL ने 15 वर्षों की अवधि में ₹182 करोड़ के फर्जी नकद खर्च दिखाए, जिनका इस्तेमाल विभिन्न लोगों को रिश्वत देने के लिए किया गया था। CMRL द्वारा दिखाए गए फर्जी खर्चों में से एक खर्च केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पी. विजयन की बेटी वीणा को किए गए भुगतान से संबंधित है।
वीणा विजयन की कंपनी को ₹2.78 करोड़ के भुगतान पर सवाल
वीणा की कंपनी, M/s एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड (एक व्यक्ति द्वारा संचालित कंपनी) को IT कंसल्टेंसी सेवाओं के नाम पर CMRL से कुल ₹2.78 करोड़ का धोखाधड़ी वाला भुगतान मिला। इसके अलावा, CMRL के मैनेजिंग डायरेक्टर शशिधरन कार्था द्वारा संचालित M/s एम्पावर इंडिया कैपिटल इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड (EICPL) ने एक्सलॉजिक को कुल ₹50 लाख का लोन दिया, जबकि एक्सलॉजिक समय पर भुगतान करने में विफल रही थी। ED ने एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी।
अपराध से प्राप्त आय से दी गई रिश्वत
एजेंसी ने आगे कहा कि ED की पिछली जांच से पता चला था कि SN शशिधरन कार्था के नेतृत्व में CMRL के मैनेजमेंट ने अपराध से प्राप्त आय (proceeds of crime) जुटाई थी और विभिन्न लोगों को रिश्वत दी थी। वीणा उन लोगों में से एक हैं जिन्हें बिना कोई सेवा दिए CMRL से पैसे मिले। विज्ञप्ति में कहा गया है कि इससे पहले, ED ने इसी साल 27 मई को वीणा और CMRL के प्रमोटरों के यहां तलाशी ली थी।
दुबई भेजे गए करीब 3.49 लाख AED की भी जांच
एजेंसी ने आगे कहा, "उक्त तलाशी के दौरान, ED को वीणा द्वारा रखे गए कुछ हाथ से लिखे हुए हिसाब-किताब (accounts) मिले। हाथ से लिखे नोटों में उन लोगों के नाम, संभाली/खर्च की गई रकम, दुबई भेजी गई रकम आदि की जानकारी थी। विज्ञप्ति के अनुसार, इन खातों में "AED" (दुबई की मुद्रा) और भारतीय रुपये में संभाली गई रकम का विवरण था। ED ने कहा कि नोटिंग के अनुसार दुबई भेजी गई रकम लगभग 3.49 लाख AED (लगभग ₹85 लाख के बराबर) है। भारतीय रुपये में रखे गए अकाउंट्स की रकम लगभग ₹20.05 करोड़ है। ED ने हाथ से लिखे अकाउंट्स जब्त कर लिए हैं।"
डिजिटल डिवाइस और SIM से जुड़े सुरागों ने बढ़ाई जांच
वीना से जब्त किए गए डिजिटल डिवाइस में एक सिम कार्ड की फोटो भी मिली, जो वाईफाई राउटर में इस्तेमाल के लिए किसी और के नाम पर लिया गया था। शक है कि उसने यह सिम और वाईफाई राउटर किसी और के नाम पर इसलिए लिए थे ताकि इंटरनेट-आधारित कॉल के जरिए बातचीत की जा सके। जांच एजेंसी ने एक प्रेस रिलीज में कहा कि तलाशी के दौरान वीना के हाथ से लिखे अकाउंट्स में जिन लोगों के नाम थे और जिस व्यक्ति ने सिम कार्ड दिया था, उन सभी को जांच के दायरे में लिया गया।
हवाला लेनदेन के सबूत मिलने का ED का दावा
तलाशी अभियान के दौरान कई डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए और बयान दर्ज किए गए। हवाला चैनलों के जरिए पैसे ट्रांसफर करने से जुड़े सबूत भी मिले। ED की जब्ती से पता चलता है कि वीना अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक रकम का लेन-देन कर रही थी। उसके हाथ से लिखे अकाउंट्स में बताई गई रकम CMRL से मिली रकम के अलावा है। ED ने कहा कि वह कानून के अनुसार कानूनी कार्रवाई शुरू करेगी। फिलहाल आगे की जांच जारी है।
(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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