कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की गहमागहमी, भागदौड़ और अपनी गोटी को लाल करने का सिलसिला तेज हो गया है।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की गहमागहमी, भागदौड़ और अपनी गोटी को लाल करने का सिलसिला तेज हो गया है। वहीं सत्ताधारी पार्टी टीएमसी के कई मंत्री और नेताओं के लिए इडी (प्रवर्तन निदेशालय) आफत बन गई है।
टीएमसी नेताओं पर इडी की कार्रवाई
इडी ने राज्य के दमकल मंत्री सुजीत बोष और खाद्य मंत्री रथिन घोष को तलब किया है। टीएमसी नेता और कोलकाता के तहत रासबिहारी विधानसभा सीट के उम्मीदवार देवाशीष कुमार दो बार इडी के समक्ष हाजिरी लगा चुके हैं।
नगर निकाय भर्ती घोटाले से जुड़ा मामला
इडी ने नगर निकाय में नियुक्ति घोटाले के मामले में दमकल मंत्री सुजीत बोस को 6 अप्रैल को और खाद्य मंत्री रथिन घोष को 8 अप्रैल को तलब किया है। दमकल मंत्री सुजीत बोस विधाननगर सीट से और खाद्य मंत्री रथिन घोष उत्तर चौबीस परगना जिले के मध्यमग्राम सीट से टीएमसी उम्मीदवार हैं।
देवाशीष कुमार से लंबी पूछताछ
टीएमसी नेता देवाशीष कुमार दो बार इडी के कार्यालय में हाजिरी लगा चुके हैं। इडी उनसे कई घंटों तक पूछताछ कर चुकी है।
टीएमसी का पलटवार
टीएमसी नेता सुजीत बोस, रथिन घोष और देवाशीष कुमार का कहना है कि उनके चुनाव पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा और वे चुनाव में कामयाब होंगे। उनका कहना है कि लोग समझ रहे हैं कि केंद्र सरकार केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर टीएमसी के नेताओं को बदनाम करना और चुनाव में भाजपा को फायदा पहुंचाना चाहती है, लेकिन भाजपा का मकसद पूरा नहीं होगा।
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