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CGPSC घोटाले में तमन सिंह पर शिकंजा

CGPSC भर्ती घोटाला: पूर्व अध्यक्ष तमन सिंह सोनवानी ईडी के शिकंजे में

ईडी ने CGPSC के पूर्व अध्यक्ष तमन सिंह सोनवानी को 2020-21 राज्य सेवा परीक्षा में कथित पेपर लीक, भ्रष्टाचार और भर्ती घोटाले के आरोप में गिरफ्तार किया।

cgpsc भर्ती घोटाला पूर्व अध्यक्ष तमन सिंह सोनवानी ईडी के शिकंजे में

ED Intensifies CGPSC Scam Probe |

नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) के पूर्व अध्यक्ष तमन सिंह सोनवानी को 2020 और 2021 की राज्य सेवा परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार, प्रश्नपत्र लीक और चयन प्रक्रिया में हेराफेरी के मामले में गिरफ्तार किया है।

25 जुलाई को हुई गिरफ्तारी

ईडी के रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने 25 जुलाई को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत सोनवानी को गिरफ्तार किया। उन्हें रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 30 जुलाई 2026 तक सात दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया।

CBI और EOW/ACB की जांच के बाद कार्रवाई

ईडी ने अपनी जांच रायपुर की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की एफआईआर तथा बाद में सीबीआई द्वारा दर्ज मामले के आधार पर शुरू की। जांच में आरोप है कि 2020 और 2021 की सीजीपीएससी राज्य सेवा परीक्षाओं में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार किया गया।

पेपर लीक और भर्ती में हेराफेरी के आरोप

ईडी के अनुसार, तमन सिंह सोनवानी ने अपने कार्यकाल के दौरान अन्य अधिकारियों और निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर प्रश्नपत्र लीक किए और चयन प्रक्रिया में हेराफेरी की। जांच एजेंसी का दावा है कि रिश्वत लेकर अपने रिश्तेदारों और अन्य पसंदीदा उम्मीदवारों का चयन कराया गया। इनमें पुलिस उपाधीक्षक (DSP) और उप पुलिस अधीक्षक जैसे वरिष्ठ पदों पर चयनित उम्मीदवार भी शामिल बताए गए हैं।

भर्ती नियमों में बदलाव का भी आरोप

ईडी ने अपने बयान में कहा कि वर्ष 2021 में सीजीपीएससी के भर्ती नियमों में संशोधन कर 'परिवार' की परिभाषा से 'भतीजा' शब्द हटा दिया गया था। आरोप है कि इससे तमन सिंह सोनवानी के रिश्तेदारों के चयन का रास्ता आसान हो गया।

धन के लेन-देन की जांच जारी

जांच एजेंसी का कहना है कि कथित अवैध कमाई का कुछ हिस्सा नकद और कुछ हिस्सा बैंकिंग लेन-देन के जरिए छिपाने की कोशिश की गई। ईडी के अनुसार, पूछताछ के दौरान सोनवानी ने सहयोग नहीं किया और कई महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाईं। इसलिए अपराध से अर्जित धन, उसके लेन-देन और मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान के लिए उनकी गिरफ्तारी की गई।

एएनआई

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