चुनाव आयोग ने एसआईआर के तहत वोटरों की सुनवाई में उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरदुआर, कूचबिहार जिलों के चायबागानों के मजदूरों को बड़ी राहत दी है।
कोलकाता। चुनाव आयोग ने एसआईआर के तहत वोटरों की सुनवाई में उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरदुआर, कूचबिहार जिलों के चायबागानों के मजदूरों को बड़ी राहत दी है। मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय के सूत्रों के मुताबिक चायबागानों के मजदूर अपने पक्ष में बतौर प्रमाण उस चाय बागान के मालिकों को कागजात दिखा सकते हैं जिनके चायबागान के मजदूर हैं।
बड़ी संख्या में झारखंड और पश्चिम बंगाल के आदिवासी करते हैं मजदूरी
जानकारों के अनुसार उत्तर बंगाल के चाय बागानों में झारखंड और पश्चिम बंगाल के आदिवासी काफी संख्या में मजदूरी करते हैं। उनके परिवार के लोग कई पीढ़ी से यहीं बस गए हैं। वे गरीब और भूमिहीन है। उनकी स्थिति और समस्या को देखते हुए चुनाव आयोग ने सुनवाई के दौरान पहचान के प्रमाण के लिए केवल उन्हें छूट दी है।
उल्लेखनीय है कि भाजपा और पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्षी दल के नेता शुभेंदु अधिकारन ने चुनाव आयोग का घ्यान इस ओर खींचा था। उन्होंने उत्तर बंगाल के चायबागानों के मजदूरों के प्रतिनिधियों को इस बाबत भरोसा दिया था।
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